Ranchi : कभी नक्सल इलाकों में रातभर पहरा, तो कभी त्योहारों में भीड़ संभालने की जिम्मेदारी, बारिश हो, लू चले या ठिठुरती रात, झारखंड पुलिस का जवान हर मोर्चे पर खड़ा रहता है। लेकिन अब वही खाकी अपनी पीड़ा लेकर सरकार के दरवाजे पर पहुंची है। झारखंड पुलिस के अफसर और जवान इन दिनों कम भत्तों और वर्षों से लंबित मांगों को लेकर बेहद परेशान हैं। हालत यह है कि नाराजगी अब गीतों में भी सुनाई देने लगी है। पुलिसकर्मियों ने अपनी व्यथा को आवाज देते हुये “वर्दी भत्ता दिला देहू हुजूर” नाम से एक गीत भी रिलीज किया है, जो महकमे में तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है।
24 घंटे ड्यूटी, लेकिन सुविधायें नाममात्र
झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव राकेश पांडेय ने सरकार को पत्र लिखकर पुलिसकर्मियों की लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस हमेशा कानून-व्यवस्था और जनता की सुरक्षा के लिये पूरी निष्ठा से काम करती रही है। जवान कठिन, तनावपूर्ण और दुर्गम परिस्थितियों में 24 घंटे ड्यूटी निभाते हैं, लेकिन उन्हें मिलने वाले कई भत्ते आज भी बेहद कम और पुराने हैं।
4500 में कैसे खरीदे पूरी वर्दी?
पत्र में सबसे बड़ा मुद्दा वर्दी भत्ते का उठाया गया है। फिलहाल आरक्षी और हवलदार को 4 हजार, जबकि सब-इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर स्तर तक 4500 रुपये सालाना वर्दी भत्ता मिलता है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि इतने पैसों में दो सेट वर्दी, ऊनी कपड़े, टोपी, बेल्ट, बैज, जूते और मोजे खरीदना नामुमकिन है। इसलिए वर्दी भत्ता बढ़ाकर 12 हजार रुपये सालाना करने की मांग की गई है।
हर भत्ते में बढ़ोतरी की मांग
पुलिस एसोसिएशन ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं, जैसे..
- राशन भत्ता 2 हजार से बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रतिमाह
- धुलाई भत्ता 100 से बढ़ाकर 1 हजार रुपये
- विशेष कर्तव्य भत्ता 65-100 रुपये से बढ़ाकर 1 हजार रुपये
- तकनीकी भत्ता 3 हजार रुपये प्रतिमाह
- आरमोरर भत्ता 1 हजार रुपये
- मेडल पाने वाले पुलिसकर्मियों को 3 हजार रुपये मासिक सम्मान भत्ता
- दो बच्चों के लिए शिक्षण भत्ता
- प्रशिक्षण संस्थानों में तैनात कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भत्ता
- एसोसिएशन ने यह भी कहा कि कई पुलिसकर्मी जंगल-पहाड़ और नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात हैं, लेकिन सभी को दुरूह कार्य भत्ते का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मांग की गई है कि यह भत्ता सभी पात्र कर्मियों को दिया जाये।
20-25 साल नौकरी, फिर भी प्रमोशन का इंतजार
पत्र में सबसे ज्यादा पीड़ा प्रमोशन को लेकर झलकी। एसोसिएशन का कहना है कि कई पुलिसकर्मी 20 से 25 साल तक एक ही पद पर काम करते रहते हैं, लेकिन उन्हें समय पर प्रमोशन नहीं मिलता। पुलिसकर्मियों ने सरकार से रोस्टर प्रक्रिया जल्द पूरी कर प्रमोशन देने की मांग की है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने कहा कि पिछले छह वर्षों से सरकार को लगातार मांगपत्र भेजे जा रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस निर्णय नहीं हुआ। इससे पुलिस बल के भीतर निराशा बढ़ रही है। खाकी पहनने वाला जवान जब घर से निकलता है, तो उसके कंधों पर सिर्फ कानून नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में अब पुलिसकर्मी उम्मीद लगाये बैठे हैं कि सरकार उनकी आवाज सुनेगी और “वर्दी भत्ता दिला देहू हुजूर” सिर्फ गीत बनकर नहीं रह जायेगा।
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