West Bengal : पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर चल रही खींचतान के बीच पार्टी को बड़ा झटका लगा है। उत्तर दिनाजपुर के ईटाहार से विधायक मुशर्रफ हुसैन ने तृणमूल कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। मुशर्रफ हुसैन का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब पार्टी के भीतर असंतोष और नेताओं के पाला बदलने की खबरें लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं।
एक बयान और बढ़ गया सियासी तापमान
अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुये मुशर्रफ हुसैन ने संगठन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिये। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले मीडिया के जरिये उन्हें जानकारी मिली थी कि उन्हें TMC अल्पसंख्यक सेल का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, लेकिन पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र उन्हें कभी नहीं मिला। इसी बात को आधार बनाते हुये उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि जब नियुक्ति मौखिक थी, तो उनका इस्तीफा भी मौखिक ही माना जाये। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में कई नये सवाल खड़े कर दिये हैं। मुशर्रफ हुसैन को TMC के युवा और तेजी से उभरते नेताओं में गिना जाता रहा है। साल 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने वरिष्ठ नेता अमल आचार्य का टिकट काटकर उन्हें चुनाव मैदान में उतारा था। चुनाव में जीत के बाद उनका कद पार्टी में तेजी से बढ़ा। बताया जाता है कि वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी दोनों के करीबी नेताओं में शामिल थे। यही वजह रही कि कम उम्र में उन्हें अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की कमान और अल्पसंख्यक वित्त निगम के चेयरमैन जैसी अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।
इसे भी पढ़ें : पुलिस की गो’ली खाकर उग्रवादी ने उगले कई राज, क्या बोले SP… देखें वीडियो
इसे भी पढ़ें : गांव-गांव घूमकर बांट रहा था ‘सरकारी बाबू’ बनने का सपना, फिर…
इसे भी पढ़ें : वैभव सूर्यवंशी ने मचाया तूफान, 11 गेंद 50 रन और इतिहास ध्वस्त…
इसे भी पढ़ें : जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नीतीश, प्रदेश की कमान इस दिग्गज नेता के हाथ…
इसे भी पढ़ें : लंबी दूरी तक कार चलाने की जरूरत नहीं, रेलवे की इस सेवा से भेंजे अपनी गाड़ी…










