नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने भीख मांगने को दंडनीय अपराध घोषित करने संबंधी कानूनों की वैधता को लेकर 5 राज्यों को नोटिस दिया है। ये राज्य हैं- पंजाब, महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात और बिहार। याचिकाकर्ता विशाल पाठक के अनुसार, इन राज्यों में यह कानून जीवन के अधिकार का हनन करने वाला है।
उल्लेखनीय है कि इन कानूनों में भीख मांगते पहली बार पकड़े जाने पर 3 साल तक की सजा का नियम है। दोबारा पकड़े जाने पर सजा के बढ़ने की भी बात है। जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली बेंच ने थोड़ी देर की बहस के उपरांत इस मामले में नोटिस जारी कर दिया।
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पुनर्वास का भी है प्रावधान
याचिका में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कानून में भिखारियों को सजा देने के बदले उनके पुनर्वास का भी प्रावधान है। फिर भी सजा के डर से भिखारी उनके लिए बने बेगर होम में जाने को तैयार नहीं होते हैं। इस बात पर भी गौर किया जाना चाहिए। यह भी बताया गया है कि देश के कई हाई कोर्ट अपने यहां लागू कानून की उक्त धाराओं को असंवैधानिक करार देकर रद्द कर चुके हैं।
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