Kohramlive : हंस दूध से पानी अलग कर सिर्फ दूध पी लेता है। यह भारतीय संस्कृति का विवेक तत्व है। बुरे के भीतर से आप अच्छाई खोज सकते हैं और आंखों में जो अच्छा दिख रहा है, उसे आप बुरा समझ सकते हैं। सब नीयत पर निर्भर करता है और नीयत माइंड का खेल है। ‘नो ब्रा डे’ या ‘ब्रा डे’ को नीयत अच्छी हो तो आप अच्छी भावना से देख सकते हैं। भावना गंदी है ते आप गंदगी ही देख सकते हैं। नो ब्रा डे का मतलब ब्रा के बिना तस्वीरें पोस्ट कर माहौल को सेक्सुअलाइज करना नहीं है। No BraDay 2011 से हर साल 13 अक्टूबर को मनाया जाता है।
Today, Thursday, 13 October 2022 is #NoBraDay
No Bra Day is an annual observance on which women are encouraged to go braless as a means to encourage breast cancer awareness. pic.twitter.com/GgsGRX3PEI
— Vybez Gist (@VybezGist) October 13, 2022
क्यों चुना गया यह दिन
नो ब्रा डे के लिए 13 तारीख इसलिए चुनी गई, क्योंकि ये अक्टूबर महीने के बीचोंबीच का दिन है और अक्टूबर International Breast Cancer Awareness Month है। यह पूरा महीना ही महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित है। इस दिन का मकसद सिर्फ इतना सा है कि एक दिन के लिए महिलाएं ब्रा से मुक्त हों और अपने शरीर यानी ब्रेस्ट को जानें। वो अपने ब्रेस्ट का स्व निरीक्षण करें और ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षणों के बारे में जान सकें। हर महिला को खुद के बारे में पता चल सके कि कहीं उसे कोई समस्या तो नहीं है और अगर ऐसा कुछ महसूस होता है तो वो उसका सही समय पर इलाज करा सके, क्योंकि ब्रेस्ट कैंसर जानलेवा है।
सोशल मीडिया का दिमागी दिवालियापन
सोशल मीडिया पर इस विषय में दिमागी दिवालियापन देखने को मिल रहा है। ज्यादातर लोग तो No bra day को कैंसर से जोड़कर देख ही नहीं पा रहे, लेकिन इस No bra day का मतलब समझाने के लिए एक ही तस्वीर काफी है। अगर आंखे खोलकर इसे नहीं देखा गया तो ये ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े हर कैंपेन का मजाक उड़ाने जैसा होगा और breast cancer से जूझ रही महिलाओं का अपमान भी। ये तस्वीर साफ-साफ बता रही है कि ब्रेस्ट होंगे तभी ब्रा का मतलब है, लेकिन अगर ब्रेस्ट ही नहीं होंगे तो ब्रा के कोई मायने नहीं। No bra day सिर्फ एक दिन है ब्रेस्ट कैंसर के बारे में आगाह करने का, जबकि इन महिलाओं के लिए तो हर दिन No bra day ही है क्योंकि इनके ब्रेस्ट हैं ही नहीं। ये वो महिलाएं हैं जो ब्रेस्ट कैंसर की वजह से अपने ब्रेस्ट खो चुकी हैं। No bra day का दिन असल में इन्हीं महिलाओं को समर्पित है।
दुनिया में ब्रेस्ट कैंसर की हकीकत
विशेषज्ञ डॉक्टरों के मुताबिक, ब्रेस्ट कैंसर की 4 अवस्थाएं होती हैं। ब्रेस्ट कैंसर अगर पहले स्टेज में है तो मरीज के ठीक होने की उम्मीद 80% से ज़्यादा होती है। ब्रेस्ट कैंसर अगर दूसरे स्टेज में है तो 60-70% तक महिलाएं ठीक हो जाती हैं। तीसरे या चौथे स्टेज में स्तन कैंसर है तो इलाज़ थोड़ा कठिन हो जाता है। यहां बहुत सी महिलाओं की जान तक चली जाती है। इसलिए ब्रेस्ट कैंसर में शुरुआती लक्षणों का पता लगना ही बचाव है और शुरुआती लक्षण तभी पता चलेंगे जब महिलाएं खुद अपने ब्रेस्ट में ऐसा कुछ महसूस करेंगी, लेकिन ऐसा नहीं होता, महिलाएं रोज ब्रा तो पहनती हैं, लेकिन अपने ब्रेस्ट को देखकर वो उन्हें खो देने की कल्पना कभी नहीं करतीं। हर महिला को ये लगता है कि उसे ब्रेस्ट कैंसर नहीं हो सकता और अक्टूबर का महीना हर महिला को इसी नींद से जगाने के लिए समर्पित है। No bra day का मतलब एक दिन बिना ब्रा के रहना नहीं, बल्कि एक दिन ब्रेस्ट का बिना ब्रा के निरीक्षण करना है। उम्मीद है सिर्फ महिलाओं को ही नहीं, बल्कि हमारे देश के पुरुषों को भी इन तस्वीरों को देखकर No Bra Day की गंभीरता का अहसास हो।
इसे भी पढ़ें :अचानक रोने-गिड़गिड़ाने लगा CI ऑफिस का मुंशी विकास… देखें क्यों
इसे भी पढ़ें :भाई से बोला कुरियर बॉय- अब हम नहीं बचेंगे… और फिर
इसे भी पढ़ें :खूबसूरत मॉडल की पैंट की जेब में हाथ डाली पुलिस तो…
इसे भी पढ़ें :माताओं-बहनों से सीएम की अपील, कहा न बेचें हड़िया-दारू
इसे भी पढ़ें :रोकने-टोकने और धरने वाला कोई नहीं… देखें
इसे भी पढ़ें :इस दिवाली फीकी रहेगी पटाखों की धमक, सुप्रीम कोर्ट ने कहा…
इसे भी पढ़ें : सीएम ने गिरिडीह में 976 करोड़ 56 लाख की परिसंपत्तियों का किया वितरण










