Hazaribagh (Sunil Sahu) : बालू तस्करी के मसले पर विधानसभा में खूब हाय-तौबा मची थी। पक्ष-विपक्ष आमने सामने हुए। एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाया। बाद में यही निष्कर्ष निकला कि कुछ ऐसा इंतजाम होगा, जिससे गांव के गरीब गुरबों का भला हो। किसी का भला तो नहीं हुआ, पर अब भी बालू माफिया बेखौफ बालू की तस्करी कर रहे हैं। यह काम रात के अंधेरे में ज्यादा हो रहा है। बालू माफिया को स्थानीय पुलिस और नेता का पूरा सपोर्ट है। हजारीबाग के कटकमसांडी से रोज हजारों सीएफटी बालू की तस्करी की जा रही है। यहां से हर रोज 30 से ज्यादा गाड़ियां निकलती है। इन बालुओं को हजारीबाग मंडी में खपा दिया जाता है। रोकने-टोकने वालों का कमीशन भी तय है। जिसे कमीशन नहीं मिल पाता, वह भयादोहन का खेल शुरू कर देता है। जंगल तक के लोगों को उनका कमीशन पहुंच जाता है।
नाम नहीं छापने की शर्त पर इस काम से जुड़े एक शख्स ने बताया कि बालू तस्करी में वह अकेले नहीं, इस काम में गांव के कई लोग शामिल हैं। यहां याद दिला दें कि झारखंड में बालू उठाव पर 15 अक्टूबर तक रोक है। यह रोक 15 जून को लगाई गई थी। आइए देखिए कैसे रात के अंधेरे में हो रही है बालू की तस्करी और क्या बोल गया अवैध बालू के कारोबार से जुड़ा शख्स। रोकने-टोकने और धरने वाला कोई नहीं…
इसे भी पढ़ें : सीएम ने गिरिडीह में 976 करोड़ 56 लाख की परिसंपत्तियों का किया वितरण
इसे भी पढ़ें : मोदी सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के 40 अधिकारियों को IAS में प्रमोशन की दी मंजूरी
इसे भी पढ़ें : हेमंत सरकार ने बढ़ाई न्यूनतम मजदूरी, जानिए अब रोजाना देने होंगे कितने रुपये
इसे भी पढ़ें : लेन-देन बना काल, मारा गया विशाल… देखें
इसे भी पढ़ें : जान पर खेल आर्मी डॉग ने दहशतगर्दों का किया खात्मा… देखें
इसे भी पढ़ें : बेटी की पढ़ाई नहीं रुकेगी, इन सरकारी Scholarships का लें लाभ












