Kohramlive : बारिश का मौसम अपने साथ जहां ठंडक और राहत लेकर आता है, वहीं कई तरह की मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। इस दौरान सर्दी-खांसी, वायरल संक्रमण, गले में खराश, फूड पॉइजनिंग और पाचन संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में आयुर्वेद में बताये गये पारंपरिक काढ़े शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) मजबूत करने में सहायक माने जाते हैं। आयुर्वेदिक काढ़े विभिन्न औषधीय जड़ी-बूटियों और मसालों से तैयार किये जाते हैं, जो शरीर को अंदर से गर्म रखने और मौसमी संक्रमणों से लड़ने में मदद कर सकते हैं। आइये जानते हैं कुछ लोकप्रिय काढ़ों की आसान रेसिपी।
तुलसी-अदरक का काढ़ा
तुलसी और अदरक का काढ़ा इम्युनिटी बढ़ाने के लिये सबसे अधिक इस्तेमाल किये जाने वाले घरेलू उपायों में शामिल है। इसके लिये सामग्री के तौर पर 2 कप पानी, 10-12 तुलसी के पत्ते, 1 इंच अदरक का टुकड़ा, 1 चम्मच शहद जुटा लें। काढ़ा बनाने के लिये पानी में तुलसी के पत्ते और कुटा हुआ अदरक डालकर उबालें। जब पानी आधा रह जाये तो इसे छान लें। हल्का गुनगुना होने पर शहद मिलाकर सेवन करें।
तुलसी, अदरक और आंवला का काढ़ा
यह काढ़ा शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ विटामिन-सी का अच्छा स्रोत भी माना जाता है। इसके लिये 10-12 तुलसी के पत्ते, 1 इंच अदरक, 1 आंवला (टुकड़ों में कटा हुआ)2 कप पानी, 1 चम्मच शहद जुटा लें। इसे बनाने के लिये सभी सामग्री को पानी में डालकर 15 मिनट तक उबालें। पानी आधा होने पर छान लें और गुनगुना होने पर शहद मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें।
मुलेठी और तुलसी का काढ़ा
गले की खराश, खांसी और सर्दी में मुलेठी और तुलसी का काढ़ा लाभकारी माना जाता है। इसके लिये 1 बड़ा चम्मच मुलेठी, 10-12 तुलसी के पत्ते, 2 कप पानी, 1 चम्मच शहद जुटा लें। इसके बाद इसे पानी में मुलेठी और तुलसी डालकर 10-15 मिनट तक उबालें। छानने के बाद शहद मिलायें और सेवन करें।
दालचीनी, लौंग और अदरक का काढ़ा
यह काढ़ा श्वसन तंत्र को मजबूत रखने और मौसमी संक्रमणों से बचाव में सहायक माना जाता है। इसके लिये 3-4 छोटे टुकड़े दालचीनी, 1 इंच अदरक, 5-6 लौंग, 3 कप पानी, थोड़ा गुड़ या 1 चम्मच शहद सामग्री जुटा लें। इसके बाद सभी सामग्री को पानी में डालकर 10-15 मिनट तक उबालें। पानी कम होने पर छान लें और स्वादानुसार गुड़ या शहद मिलाकर सेवन करें।
सेवन करते समय रखें सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार काढ़ा औषधीय गुणों से भरपूर होता है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है। गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, उच्च रक्तचाप या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को नियमित रूप से काढ़ा पीने से पहले चिकित्सकीय सलाह जरूर लेनी चाहिये। मानसून के दौरान संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, साफ-सफाई और नियमित व्यायाम के साथ इन आयुर्वेदिक काढ़ों का सीमित मात्रा में सेवन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाये रखने में मदद कर सकता है।
इसे भी पढ़ें : गढ़वा में सनसनी, तालाब में मिला 13 साल की किशोरी का शव…
इसे भी पढ़ें : केवल 5 हजार में घूमिये ‘भारत का स्कॉटलैंड’…
इसे भी पढ़ें : जमीन के लिये चाचा पर चली गो’ली! भतीजे पर लगा संगीन आरोप…
इसे भी पढ़ें : शिरडी में साईं बाबा के दरबार पहुंचे हेमंत सोरेन, राज्यवासियों के सुख-समृद्धि की मांगी दुआ…
इसे भी पढ़ें : AI से पहले ही खत्म हो चुकी थीं ये नौकरियां, कभी रोजी-रोटी थीं…












