Kohramlive : क्या आपको भी उठते-बैठते, सीढ़ियां चढ़ते समय या घुटनों को मोड़ने पर हड्डियों और जोड़ों से कट-कट या चटकने की आवाज सुनाई देती है? अक्सर लोग इसे हड्डियों के घिसने का संकेत मान लेते हैं, लेकिन हर बार ऐसा होना जरूरी नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार कई मामलों में यह सामान्य प्रक्रिया होती है, लेकिन यदि इसके साथ दर्द, सूजन या जकड़न भी हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिये। हालांकि, हड्डियों या जोड़ों से आने वाली कट-कट की आवाज हमेशा बीमारी का संकेत नहीं होती। लेकिन यदि इसके साथ दर्द, सूजन या चलने-फिरने में दिक्कत हो रही है, तो समय रहते जांच कराना जरूरी है। सही खानपान, नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर जोड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
क्या होती है यह आवाज?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जोड़ों से आने वाली चटकने या कट-कट की आवाज को मेडिकल भाषा में क्रेपिटस (Crepitus) कहा जाता है। यह आवाज कई कारणों से आ सकती है और हर बार इसका संबंध किसी गंभीर बीमारी से नहीं होता। विशेषज्ञ बताते हैं कि जोड़ों के भीतर मौजूद सिनोवियल फ्लूइड में गैसें घुली होती हैं। जब जोड़ों की स्थिति बदलती है तो इन गैसों के छोटे-छोटे बुलबुले बनते और फूटते हैं, जिससे चटकने की आवाज सुनाई दे सकती है। वहीं, टेंडन या लिगामेंट का हड्डी के ऊपर से खिसकना। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने के बाद अचानक मूवमेंट करना। जोड़ों में हल्का घर्षण होना। इन कारणों से भी कट-कट की आवाज आ सकती है। यदि यह आवाज बिना दर्द और सूजन के आती है तो आमतौर पर चिंता की बात नहीं मानी जाती।
क्यों बढ़ रही हैं हड्डियों की समस्यायें?
आजकल कम उम्र के लोगों में भी हड्डियों और जोड़ों की दिक्कतें तेजी से बढ़ रही हैं। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं:
- घंटों बैठकर काम करने की आदत।
- शारीरिक गतिविधियों की कमी।
- मोटापा और बढ़ता वजन।
- विटामिन-डी और कैल्शियम की कमी।
- अनियमित खानपान और खराब जीवनशैली।
विशेषज्ञों का कहना है कि ये सभी कारक जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं और समय के साथ समस्याएं बढ़ा सकते हैं।
किन लोगों को ज्यादा रहता है खतरा?
कुछ लोगों में जोड़ों की समस्याओं का जोखिम अधिक होता है, जैसे:
- बढ़ती उम्र के लोग, जिनमें कार्टिलेज का घिसाव शुरू हो जाता है।
- अधिक वजन वाले लोग।
- लंबे समय तक बैठे रहने वाले कर्मचारी।
- खेल या दुर्घटना में घुटनों की चोट झेल चुके लोग।
- रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) के बाद की महिलाएं, जिनमें हार्मोनल बदलाव के कारण हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।
कब हो जायें सतर्क?
यदि जोड़ों से आने वाली आवाज के साथ निम्न लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है:
- लगातार या तेज दर्द।
- सूजन या लालिमा।
- जोड़ का गर्म महसूस होना।
- चलने-फिरने में परेशानी।
- जोड़ का बार-बार लॉक होना।
- सीढ़ियां चढ़ने या बैठने-उठने में कठिनाई।
ये लक्षण गठिया, कार्टिलेज क्षति या अन्य जोड़ों की बीमारियों की ओर संकेत कर सकते हैं।
ऐसे करें बचाव
जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिये कुछ आसान उपाय अपनाये जा सकते हैं:
- नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधियां करें।
- लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें।
- वजन नियंत्रित रखें।
- कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन-डी से भरपूर आहार लें।
- सुबह की धूप में कुछ समय बिताएं।
- पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित जीवनशैली अपनाएं।
नोट: यह लेख चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह और उपलब्ध स्वास्थ्य रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
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