Bihar(Nandani Singh) : खुदा का शुक्र है कि 3 साल के मासूम शिवम को सही-सलामत बोरवेल से बाहर निकाल लिया गया। भला हो NDRF के उन जाबांज जवानों का जिन्होंने जी-जान लगाकर 150 फीट गहरे बोरवेल में गिरे मासूम शिवम को जिंदा बाहर निकाल लिया। करीब सात घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कीचड़ से सना शिवम जैसे ही अपनी मां के गोद में आया तो वहां मौजूद सभी लोगों के आंखों में खुशी के आंसू छलक आये। एक मां के गोद को सूनी होने से बचाने आये NDRF के जवानों ने खूब वाहवाही लूटी। यह घटना बिहार के CM नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा की है। रविवार की सुबह मासूम शिवम अपनी मां के पीछे पीछे खेत में चला गया। खेत में एक बोरवेल फेल हो जाने पर उसे तार के पत्ते से ढंक दिया गया था। डोमन मांझी के मासूम बेटे शिवम का पांव इस पत्ते पर पड़ते ही वह अंदर गिर गया। मां को कुछ पता ही नहीं चला। जब बेटे की रोने की आवाज मां के कानों तक आई तो मां का कलेजा फट गया। बोरवेल में गिरे बेटे को देख मां की चीख-पुकार पर लोगों की भीड़ जुट गई। नालंदा के भदारी गांव में हुई इस घटना के बाद गांववाले अपने स्तर से बच्चे को बचाने में लग गये। मौके पर पहुंची पुलिस ने पटना से एक्सपर्ट बुलाये। नतीजा सिफर रहा। करीब एक घंटे के बाद बोरवेल में मेडिकल सिलेंडर के पाइप से ऑक्सीजन देना शुरू किया गया था। इसके बाद पटना से NDRF और SDRF की टीम को बुलाया गया। रिजल्ट देख गांववालों ने उन्हें सैल्यूट किया।
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