Dhanbad : ”थानेदार कांडों को लंबित रखने की बजाय त्वरित कार्यवाही कर जल्द से जल्द अदालत में अंतिम प्रतिवेदन या चार्जशीट दायर करें, ताकि लोगों को तुरंत इंसाफ मिल सके। समाज के प्रति सबकी जिम्मेवारी है, जिसे समय पर पूरा करना फर्ज है।”यह कहना है धनबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम शर्मा का। मौका था टाउन हॉल में आयोजित जिला स्तरीय मल्टी स्टेक होल्डर कंसल्स्टेशन कार्यशाला का। इस कार्यशाला का आयोजन झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम शर्मा ने आगे कहा कि सड़क हादसे से जुड़े मामलों में पुलिस की तरफ से समय पर कोर्ट में कागजात जमा नहीं किये जाते, जिसके चलते मृतकों के आश्रितों को मुआवजा नहीं मिल पाता। वहीं सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि हर हाल में 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट ट्रिब्यूनल को भेज देनी है, अन्यथा थाने के जिम्मेदार पदाधिकारी पर कार्रवाई होगी। इस अवसर पर पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह ने कहा कि दुष्कर्म पीड़ितों के अधिकार की सुरक्षा में न्यायपालिका का अहम रोल है, पुलिस अनुसंधान में चूक के कारण कई अपराधी बच जाते हैं। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस पदाधिकारियों को अनुसंधान की बारीकियों के बारे में भी बताया। बार एसोसिएशन के महासचिव जितेन्द्र कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन व बार एसोसिएशन के सहयोग से जिला विधिक सेवा प्राधिकार समाज के निचले स्तर तक के लोगों तक न्याय पहुंचाने का काम कर रहा है।
धनबाद के DDC शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि प्रशासन जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कृतसंकल्पित है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार गरीबों को स्वस्थ, सुलभ और सस्ता न्याय दिलाने की हर संभव कोशिश कर रहा है। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप एवं बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष उत्तम मुखर्जी ने भी अपने-अपने विचार रखें। इससे पहले प्रधान जिला राम शर्मा, DDC शशि प्रकाश सिंह, ग्रामीण SP रेश्मा रमेशन, बार एसोसिएशन के महासचिव जितेन्द्र कुमार ने दीप जलाकर कार्यशाला का उद्घाटन किया। स्वागत भाषण मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजय कुमार सिंह ने दिया। मंच संचालन प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अनुष्का जैन व धन्यवाद ज्ञापन अवर न्यायाधीश निताशा बारला ने दिया। मौके पर कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश तौफिकुल हसन, अवर प्रधान न्यायाधीश प्रेमलता त्रिपाठी, जिला एवं सत्र न्यायधीश सुजीत कुमार सिंह, रजनीकांत पाठक, प्रभाकर सिंह, अखिलेश कुमार, नीरज कुमार विश्वकर्मा, लेबर जज नीरज कुमार श्रीवास्तव, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजय कुमार सिंह, अवर न्यायाधीश राजीव त्रिपाठी एवं अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुलदीप समेत अन्य न्यायिक अधिकारी और कई थानेदार एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
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