Ranchi : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब विधानसभा की चौखट तक पहुंच गया है। विधानसभा गेट नंबर-1 के बाहर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, वहीं, बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा परिसर के अंदर भी जमे हुये हैं। छात्र अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी और प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की बढ़ती भीड़ को देखते हुये पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। बैरिकेडिंग के साथ पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार हालात पर नजर रखे हुये हैं। सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी। छात्रों के मुताबिक पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद कई प्रदर्शनकारी खेत के रास्ते विधानसभा परिसर की ओर बढ़ गये। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र कैंपस के अंदर पहुंच गये और वहीं डटे रहे। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान छात्रों के मुद्दे पर चर्चा हुई है और सरकार उनके सभी मुद्दों को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि छात्रों का विधानसभा घेराव पहले से निर्धारित कार्यक्रम था। सरकार की ओर से आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत की कोशिश की गई, लेकिन छात्र बातचीत के लिये तैयार नहीं हुये। मंत्री ने दावा किया कि सरकार की ओर से छात्रों पर किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया गया और पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया।
तीन दौर की बातचीत, फिर भी नहीं बनी बात
छात्रों के अलग-अलग प्रतिनिधिमंडलों के साथ सरकार की अब तक तीन दौर की बातचीत हो चुकी है। बीते रविवार को भी करीब पांच घंटे तक मैराथन बैठक चली। लेकिन बातचीत किसी अंतिम सहमति तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद छात्रों ने अपने पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़क पर उतर आये। सरकार का कहना है कि छात्रों की 98 फीसदी मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं। दूसरी ओर, छात्र संगठन कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने, JPSC-JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच समेत अपनी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला चाहते हैं। यही वजह है कि बातचीत के तीन दौर और सरकार के दावे के बावजूद आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है।















