रांची : रांची में बेड़ो के महादानी मंदिर में हड़बोड़ी बुढ़ा Jatra हुआ संपन्न। आदिवासियों का ऐतिहासिक जतरा में बुधवार नौ दिसंबर की शाम को पारंपरिक रीति रिवाज से पूजा हुई। बेड़ो के बुधवा पहान की अगुवाई में कुंड़ी जल अर्पित कर अपने पूर्वजों को याद किया गया।
Jatra में शोभायात्रा निकाली गई
वापस घर पहुंचकर पहान के घर से सभी टोली के लोगों ने कंडसा, झंडा, नगाड़ा, ढोल, ढाक और झंडे के साथ महादानी मंदिर तक शोभायात्रा निकाली गई। इसके बाद बुधवा पहान ने महादानी बाबा का पूजा-अर्चना कर मंदिर के गुंबज पर चढ़कर पारंपरिक तरीके से नृत्य कर परिक्रमा की। यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी पाहन द्वारा महादानी मंदिर के गुंबज में चढ़कर नृत्य कर निभाई जाती रही है। आस्था है कि अपने खेतों में लगी फसल काटने के बाद पहले महादानी को चढ़ाते हैं। इससे महादानी प्रसन्न होकर सबके घरों में धन संपदा से सालों भर परिपूर्ण रखते हैं।
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पारंपरिक नृत्य-गान प्रस्तुत
इस दौरान मंदिर परिसर में बेड़ो, तेतर टोली, टिकरा टोली, गायत्री नगर,अंबा टोली करंजटोली, कराजी, जामटोली और बारीडीह गांव के लोगों द्वारा कलश के साथ अपने -अपने खोड़हा के साथ नृत्यगान प्रस्तुत किया। इस दौरान रानी गाव बारीडीह के आदिवासियों द्वारा राजा गाव बेड़ो के पहान, पुजार, महतो समेत अन्य लोगों का स्वागत झंडा बिछाकर रीति रिवाज के अनुसार हुक्का-पानी देकर स्वागत किया। आयोजन में पुजार पंचम तिर्की, छोटा पुजार शनिका उराव, महतो राकेश भगत, सुका उराव बारीडीह, चरवा उराव जामटोली, बुदा पहान आदि का योगदान रहा।
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