Kohramlive : ओडिशा के मलकानगिरी के एक आवासीय विद्यालय में अचानक उस रात सन्नाटा टूट गया, जब एक 10वीं कक्षा की छात्रा की कराहती आवाज़ ने दीवारों को झकझोर दिया। जो लड़की कल तक किताबों में डूबी बोर्ड परीक्षा लिख रही थी, उसने एक नन्ही सी जान को जन्म दिया। शहर से दूर, पहाड़ियों के बीच बसे इस विद्यालय में ये घटना किसी रहस्य से कम नहीं। छात्रावास के नियम सख्त थे, बाहरी दुनिया की कोई परछाई अंदर तक न आ पाये, लेकिन फिर भी… आखिर कैसे? प्रधानाचार्य का कहना है, “यहां पुरुषों का प्रवेश वर्जित है, हमें जानकारी नहीं कि वह गर्भवती कैसे हुई?” लेकिन सवाल यह नहीं कि ‘कैसे’, सवाल यह है कि ‘क्यों’ किसी ने उसकी पीड़ा को समय रहते नहीं देखा? स्वास्थ्य जांच की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर थी, वे आंख मूंदे क्यों रहे?
छात्रा और उसकी नवजात बेटी को पहले चित्रकोंडा उप-मंडलीय अस्पताल और फिर मलकानगिरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। खुदा का शुक्र है कि दोनों स्वस्थ है। लेकिन इस नवजात का बाप कौन, यह पता लगाने में पुलिस जुट गई है। जब इस मासूम की कुंवारी मां बनी छात्रा के माता-पिता को यह खबर मिली, तो उनके दिल पर क्या गुजरी होगी, यह कल्पना भी कठिन है। वे पूछते रहे— “कैसे छुपा लिया गया यह सच? स्कूल प्रशासन ने हमें क्यों नहीं बताया?”
जिला कल्याण अधिकारी श्रीनिवास आचार्य ने आशंका जताई कि लड़की जब छुट्टियों में घर गई थी, तभी गर्भवती हुई होगी। लेकिन सवाल यह है कि जब वह लौटी, तब क्यों किसी ने उसकी हालत पर ध्यान नहीं दिया? जांच शुरू हो चुकी है और पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है। पर क्या सच भी हिरासत में आयेगा?
इसे भी पढ़ें :साफ हुई राजधानी की हवा, पाबंदियां खत्म…
इसे भी पढ़ें :राज्यपाल ने इन योजनाओं को बताया शानदार, बोले…
इसे भी पढ़ें :मैट्रिक परीक्षा प्रश्न पत्र लीक की जांच अब SIT के हवाले












