PATNA : जाने-माने भोजपुरी लोक नर्तक, कलाकार और पद्मश्री से सम्मानित रामचंद्र मांझी नहीं रहे। बुधवार की रात पटना के आईजीआईएमएस अस्पताल में उनका निधन हो गया। वह 97 वर्ष के थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मांझी के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा है कि पद्मश्री से सम्मानित मांझी ने भोजपुरी नृत्य संगीत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। दिवंगत मांझी को 2017 में संगीत नाटक अकादमी का सम्मान मिला था।
‘लौंडा नाच‘ कलाकार के रूप में प्रसिद्ध थे मांझी
नीतीश ने कहा कि दिवंगत मांझी को पिछले साल पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनके निधन से नृत्य, कला एवं संस्कृति विशेषकर भोजपुरी नृत्य संगीत के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। गौरतलब है कि 1925 में बिहार के सारण जिले में जन्मे मांझी जो कि प्रसिद्ध भिखारी ठाकुर के ‘‘नाच” नृत्य परंपरा के अंतिम सदस्य थे। वह ‘लौंडा नाच’ कलाकार के रूप में प्रसिद्ध थे।
चार बेटे, दो बेटियां
मांझी के परिवार में चार बेटे और दो बेटियां हैं। वह वर्तमान में सारण स्थित ‘‘भिखारी ठाकुर रिपर्टरी ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर” से जुड़े थे, जो एक फिल्म निर्माता और एक प्रसिद्ध कलाकार जैनेंद्र दोस्त द्वारा संचालित एक मंडली है। दोस्त ने बताया, ‘‘बुधवार रात 11 बजे मांझी जी का निधन हो गया। वह लंबे समय से हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे।”
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