कोहराम लाइव डेस्क : (Health) के लिए सतत जागरूक रहें। यदि सेहत साथ न दे, तो धन किसी काम का नहीं। हम अपने नाश्ते और भोजन में सेहत को बुलंद रखने के लिए जिन तत्वों को शामिल करते हैं, उनमें स्प्राउट्स यानी अंकुरित अनाज का महत्वपूर्ण स्थान है। अंकुरित मूंग हो या अंकुरित चना या अन्य अनाज, ये पोषण का पावर हाउस कहे जाते हैं। ऐसा इसलिए क्यों कि ये हेल्थ को साउंड बनाने और पाचन को दुरुस्त रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। ये ब्लड शुगर स्तर को सुधारते और ह्दय रोगों से बचाते भी हैं। यह अलग बात है कि कई बार अंकुरित अनाज अर्थात स्प्राउट्स खाने की वजह से फूड पॉयजनिंग के मामले में देखने को मिलते हैं। अत: सामान्यत: इन्हें खाने से पहले हमें ठीक से धो लेना चाहिए।
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कैसे होती है स्प्राउंटिंग
जब हम किसी साबुत अनाज, दाल या बीन्स को कुछ घंटों के लिए या फिर कुछ दिनों के लिए पानी में भिगोकर छोड़ देते हैं, तो वे अंकुरित हो जाते हैं। हेल्थ विशेषज्ञ बताते हैं कि स्प्राउटिंग यानी अंकुरण की प्रक्रिया के बाद उस अनाज का न्यूट्रिशनल वैल्यू या पोषक तत्व की मात्रा बढ़ जाती है। अंकुरित अनाजों में एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन डी समेत कई न्यूट्रिएंट्स की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे न सिर्फ शरीर को डीटॉक्स करने में मदद मिलती है, बल्कि यह सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद भी होता है।
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गर्भवती महिलाएं खाएं उबालकर
यह सही है कि अधिकतर लोग कच्चा अंकुरित अनाज ही खाते हैं। यह ध्यान रखना चाहिए कि लेकिन जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो, बच्चे, गर्भवती महिलाएं या बुजुर्गों को कच्चा स्प्राउट्स खाने से परहेज करना चाहिए। सबसे अच्छा उपाय ये है कि आप स्प्राउट्स को उबालकर या थोड़ा पकाकर खाएं। ऐसा करने से अंकुरित अनाज में मौजूद जीवाणु मर जाएंगे।
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