Ranchi : राधा चल बसी, गुजरे 12 दिनों से बीमार राधा को बचाया नहीं जा सका। उसे देखने लोग दूर-दूर से आते थे। राधा हर किसी को अपनी अदा से सुकून दे जाती थी। वह जब कभी अगड़ाई लेकर चलती-मटकती तो उसे देखने वाले देखते रह जाते थे। बड़े प्यार से इसका नाम राधा रखा गया था। बीते 10 जुलाई को वह अचानक बीमार पड़ी गई। विशेषज्ञ पशु चिकित्सक डॉ अंसार अहमद की देखरेख में उसका इलाज शुरू हुआ। उसे बचाने के लिये देहरादून के वाइल्ड लाइफ के विशेषज्ञ डॉ इलिलाज से भी परामर्श लिया गया था। आज दिन के साढ़े ग्यारह बजे राधा ने अंतिक हिचकी ली और सदा के लिये खामोश हो गई। राधा का पोस्टमार्टम रांची के पशु चिकित्सा महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ संजीत कुमार के नेतृत्व में किया गया। उम्रदराज हो गई राधा हेपेराइटिस और निमोनिया से पीड़ित हो गई थी। शुरूआती जांच में मौत का वजह भी यहीं मानी जा रही है, वैसे विशेष जांच के लिये सैंपल देहरादून के वाइल्ड लाईफ में भेजा गया है। राधा की मौत से उसे चाहने वाले खासकर बिरसा जैविक उद्यान के लोग बेहद दुखी है। मादा तेन्दुआ ”राधा” को साल 2017 के 2 मार्च को लखनऊ के वाजित अली चिड़ियाघर से रांची के जैविक उद्यान ओरमांझी में लाया गया था। तब से वह यहीं थी।
इसे भी पढ़ें :कब थमेगा अफीम तस्करों का जलजला…
इसे भी पढ़ें :जंगल तक खदेड़ा पुलिस ने दो सगे भाईयों को… जानें क्यों
इसे भी पढ़ें :सुनहरे सपने और रूपहले पर्दे पर छा जाओगी, फिर एक्ट्रेस का क्या हुआ… जानें
इसे भी पढ़ें :घिन आती है ऐसे पड़ोसी पर, अब जिंदगी कटेगी जेल में… जानें
इसे भी पढ़ें :उप सचिव और अवर सचिव स्तर के कई अधिकारी इधर से उधर… देखें लिस्ट
इसे भी पढ़ें :Mukesh Ambani की कंपनी को हुआ बंपर फायदा, देखें…
इसे भी पढ़ें :गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव के अर्थतंत्र पर ATS की तीखी चोट… देखें कैसे














