- फ्लोर टेस्ट के पहले ही सीएम नारायणसामी ने किया रिजाइन
कोहराम लाइव डेस्क : केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की सत्ता 22 फरवरी को कांग्रेस के हाथ से निकल गई। आज सीएम वी. नारायणसामी बहुमत साबित करना था। इसके पहले ही अपने विधायकों के साथ सदन से वाकआउट किया। राजभवन पहुंचकर उन्होंने अपना इस्तीफा उपराज्यपाल (LG) डॉ. तिमिलिसाई सुंदरराजन को सौंप दिया।
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एक साल के भीतर दो राज्यों में सत्ता से बेदखल
उल्लेखनीय है कि 2020 की शुरुआत तक कांग्रेस महाराष्ट्र,राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब और पुडुचेरी में सत्ता में थी। इसी साल उसके हाथ से सबसे पहले मध्यप्रदेश निकला। मार्च 2020 में कमलनाथ को इस्तीफा देना पड़ा। अब दूसरा झटका कांग्रेस को पुडुचेरी में मिला है।
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केंद्र पर लगाया सरकार गिराने का आरोप
पुडुचेरी विधानसभा के विशेष सत्र में नारायणसामी ने कहा, ‘हमने द्रमुक और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई थी। हमने कई चुनाव देखे। सभी उपचुनावों में हमने जीत दर्ज की। एक बात साफ हो चुकी है कि पुडुचेरी के लोगों का हम पर भरोसा है।’ आगे नारायणसामी ने सरकार गिरने का ठीकरा केंद्र की मोदी सरकार पर फोड़ा। कहा, ‘पूर्व LG किरण बेदी और केंद्र सरकार ने विपक्ष के साथ मिलकर सरकार गिराने की कोशिश की। अगर हमारे विधायक हमारे साथ होते, तो सरकार पांच साल चलती।
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हिंदी अपनाने का बनाया जा रहा दबाव
नारायणसामी ने यह आरोप भी लगाया कि पुडुचेरी पर हिंदी अपनाने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु और पुडुचेरी में हम दो भाषाओं को स्वीकार करते हैं, लेकिन भाजपा हम पर जबरन हिंदी थोपना चाहती है।








