Kohramlive Desk : पीएम मोदी ने गौतम बुद्ध की जन्म स्थली लुम्बिनी में नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा से सोमवार को द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने बहुआयामी द्विपक्षीय साझेदारी में नए क्षेत्रों को तलाशने और मौजूदा सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। इसके बाद पीएम मोदी बुद्ध जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मुझे पहले भी वैशाख पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध से जुड़े दिव्य स्थलों पर, उनसे जुड़े आयोजनों में जाने का अवसर मिलता रहा है। और आज, भारत के मित्र नेपाल में भगवान बुद्ध की पवित्र जन्म-स्थली लुम्बिनी आने का ये सौभाग्य मिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मायादेवी मंदिर में दर्शन का जो अवसर मुझे मिला, वो भी मेरे लिए अविस्मरणीय है। वो जगह, जहां स्वयं भगवान बुद्ध ने जन्म लिया हो, वहां की ऊर्जा, वहां की चेतना, ये एक अलग ही अहसास है। पीएम ने कहा कि जनकपुर में मैंने कहा था कि “नेपाल के बिना हमारे राम भी अधूरे हैं”। मुझे पता है कि आज जब भारत में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन रहा है, तो नेपाल के लोग भी उतना ही खुश हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बुद्ध बोध भी हैं और शोध भी हैं। वह विचार भी हैं और संस्कार भी हैं। महात्मा बुद्ध इसलिए भी विशेष हैं क्योंकि उन्होंने केवल उपदेश नहीं दिए बल्कि मानवता को ज्ञान की अनुभूति कराई। निश्चित रूप से उनका जन्म किसी साधारण बालक के रूप में नहीं हुआ था। उन्होंने हमें अहसास कराया कि प्राप्ति से ज्यादा महत्व त्याग का होता है। इसलिए उन्होंने जंगलों में विचरण किया, तप किया और शोध किया। उस आत्मशोध के बाद वह जब ज्ञान के शीर्ष पर पहुंचे तो उन्होंने किसी चमत्कार से लोगों के कल्याण का दावा कभी नहीं किया। उन्होंने हमें वह रास्ता बताया, जिसे उन्होंने खुद जिया था।
महात्मा बुद्ध के संदेशों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा
‘बुद्ध ने कहा था कि अपना दीपक खुद बनो। मेरे विचारों को भी सोच-समझकर आत्मसात करो।’ उन्होंने कहा कि पूर्णिमा के ही दिन महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था और इसी दिन बोध गया में उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ और फिर इसी तिथि को उन्हें निर्वाण प्राप्त हुआ। यह कोई संयोग मात्र नहीं था। यही मानव जीवन की पूर्णता है। पूर्णिमा ही पूर्णता का प्रतीक है। महात्मा बुद्ध भौगोलिक सीमाओं से ऊपर उठकर सबके हैं और सबके लिए हैं। भगवान बुद्ध के साथ मेरा एक संबंध भी है। इसमें एक अद्भुत और सुखद संयोग भी है।
पीएम मोदी ने भारत-नेपाल के रिश्तों पर कहा, ”आज जिस तरह की वैश्विक परिस्थितियां बन रही हैं, उसमें भारत और नेपाल की निरंतर मजबूत होती मित्रता, हमारी घनिष्ठता, संपूर्ण मानवता के हित का काम करेगी।” उन्होंने कहा, ”नेपाल में लुम्बिनी म्यूज़ियम का निर्माण भी दोनों देशों के साझा सहयोग का उदाहरण है। आज हमने लुम्बिनी Buddhist University में डॉ अम्बेडकर Chair for Buddhist Studies स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। ”

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