PATNA : पटना हाई कोर्ट ने दशहरा पर्व के छुट्टी के बीच नवमी के दिन यानी मंगलवार को नगर निकाय चुनावों में OBC-EBC को आरक्षण देने के मामले पर 86 पन्ने का फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि नगर पालिका के चुनाव में ओबीसी को दिया गया आरक्षण कानून के तहत गलत है। आरक्षण देने के पूर्व सुप्रीम कोर्ट के 2010 में दिए फैसले को नजरअंदाज कर दिया गया, जबकि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानने की बात कही थी।
OBC के लिए आरक्षित सीटों को घोषित करें अनारक्षित
हाई कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को आदेश दिया है कि ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों को अनारक्षित सीट घोषित कर चुनाव की अधिसूचना जारी करें। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमर्ति संजय करोल तथा न्यायमर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने एक साथ 17 मामले पर सुनवाई के बाद अपने आदेश में माना कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत बगैर ट्रिपल टेस्ट के ही ओबीसी को आरक्षण दे दिया। आरक्षण देने के पूर्व राजनीतिक रूप से पिछड़ेपन वाली जातियों को चिन्हित किया जाना था। सरकार ने ऐसा नहीं कर सीधे आरक्षण दे दिया।
राज्य चुनाव आयोग के कार्यकलाप को पर कोर्ट की तीखी टिप्पणी
कोर्ट ने ओबीसी को आरक्षण देने पर राज्य चुनाव आयोग के कार्यकलापों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार के प्रभाव में आरक्षण दिया है। गौरतलब है कि गत 29 सितंबर को कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था। बता दें कि दो चरणों में होने वाली नगर पालिका का पहले चरण का चुनाव 10 अक्टूबर जबकि दूसरे चरण का चुनाव आगामी 20 अक्टूबर को होना है।
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