कोहराम लाइव डेस्क: केंद्र सरकार ने प्याज निर्यातकों को बड़ी राहत सुनिश्चित की है। नए साल के पहले दिन यानी पहली जनवरी से प्याज निर्यातक फिर से प्याज की सभी वैरायटी को निर्यात कर सकेंगे। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि प्याज की सभी वैरायटी के निर्यात पर से प्रतिबंध को हटा लिया गया है। यह 1 जनवरी 2021 से प्रभावी होगा।
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31 जनवरी तक इंपोर्ट में भी ढील
इसके साथ ही सरकार ने प्याज के इंपोर्ट में मिली छूट को 31 जनवरी 2021 तक बढ़ा दिया है। सरकार ने 31 अक्टूबर को आयात करने में ढील दी थी, जो 15 दिसंबर तक लागू थी। अब ये छूट डेढ़ महीने के लिए बढ़ा दी गई है।
नहीं निकल पा रही लागत
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के नीमच में किसान प्याज की मार झेल रहे है। मंडी में आने वाले किसानों को उनके प्याज का सही मूल्य किसानों को नहीं मिल पा रहा है। किसानों को 5 रुपये प्रति किलो से लगाकर ज्यादा से ज्यादा 20 रुपये प्रति किलो तक ही उन्हें भाव मिल पा रहा है। लिहाजा किसान परेशान और निराश ही दिखाई दे रहे हैं।
नहीं होगी प्याज की कमी
बताया गया है कि सरकार प्याज का बफर स्टॉक 1 लाख टन से बढ़ाकर 1.5 लाख टन करेगी। इससे आने वाले सालों में प्याज की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी नहीं होगी। प्याज का बफर स्टॉक बढ़ाए जाने से जब भी मार्केट में प्याज की कमी महसूस होगी तुरंत बफर स्टॉक का प्याज बाजार में उतार दिया जाएगा।
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अफगानिस्तान से मंगवाना पड़ा था प्याज
सरकार चाहती है कि घरेलू स्तर पर ही प्याज का इतना स्टॉक हो कि उसे बाहरी देशों से प्याज इंपोर्ट न करना पड़े। इस साल प्याज की भारी किल्लत के चलते सरकार को अफगानिस्तान से प्याज मंगवाना पड़ा था, लेकिन देश में ही बफर स्टॉक रहने से प्याज को इंपोर्ट नहीं करना पड़ेगा।
नमी की वजह से खराब हो जाता है प्याज
इस योजना के तहत सरकार आने वाले रबी सीजन में पैदा हुए प्याज की खरीद किसानों से करेगी। इसकी वजह है कि इस सीजन में पैदा हुआ प्याज जल्दी खराब नहीं होता। हर साल नमी की वजह से 40,000 टन प्याज खराब हो जाता है।
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