Bihar : ऐ बप्पा, पूरा थाना ही नकली निकला। यहां तैनात महिला दारोगा तो कमाल कर गई। नकली थाना में तैनात हर किसी के बदन पर वर्दी, बैच, टोपी। वहीं कमर में पिस्टल तक खोंसी रहती थी। यहां बहाल कुछ को तो यह भी भान नहीं था कि उनकी बहाली नकली थाना में फर्जी तरीके से की गई है। रौब और रूतबा बिगड़ैल दारोगा बाबू जैसा ही था। डर के मारे लोग नतमस्तक रहा करते थे। फरमान चाहे जिस चीज का हो जाये, उसे पूरा करना जरूरी था। महिला दारोगा अनिता तो कमाल की थी, जहां कहीं सरकारी काम होता, वहां पहुंच जाती वेरिफिकेशन करने। लेकुना निकालने में काबिल अनिता को नजराना, शुकराना या सलामी लेने के लिये मशक्कत नहीं करनी पड़ती थी। रूतबा ऐसा था कि मैडम मशहूर होती जा रही थी। इस नकली थाने का नाम रखा गया था पटना स्कॉर्ट टीम। भला हो बांका के थानेदार का, जिन्होंने इस नकली थाने के पीछे छुपे सारे राज को चंद मिनट में ही बेनकाब कर दिया। अब फर्जी महिला दारोगा अनिता और उसका सहयोगी आकाश दोनों पुलिस की गिरफ्त में है। यह नकली थाना एक प्राईवेट गेस्ट हाउस में चल रहा था। नकली थाना खोलने और उसे चलाने के पीछे किसी भोला यादव का नाम उछलकर सामने आया है। वह बांका जिले के फुल्लीडुमर का रहनेवाला बताया जा रहा है। उसकी खोज शुरू कर दी गई है।
ऐसे होती थी बहाली
दरअसल, बांका के थानेदार एक अपराधी की खोज में निकले थे। रेड कर वापस लौट रहे थे तो उनकी नजर बांका गेस्ट हाउस के नजदीक सड़क पर खड़ी एक अजनबी महिला दारोगा और पुरूष पर पड़ी। दोनों बिहार पुलिस के फुल ड्रेस में थे। अजनबी दारोगा को देख थानेदार का माथा ठनका, वह वहां रूक गये और दोनों से कुछ सवाल दागे। बहाली की प्रक्रिया उनके मुख से सुनते ही उनका शक यकीन में बदल गया। महिला दारोगा अनिता ने उन्हें बताया कि उसकी बहाली भोला यादव ने की है, वह भोला के गांव के नजदीक ही दुधघटिया गांव की रहनेवाली है। वहीं नकली थाने का चौकीदार आकाश ने कहा कि भोला यादव ने 70 हजार रुपये लेकर उसे यहां नौकरी दी है। इस नकली थाना में बहाल सभी को पुलिस की वर्दी और पिस्टल उपलब्ध कराना भोला यादव का ही काम था। नकली थाने के खोले जाने और उसकी क्रियाविधि के बारे में जानकारी बांका के एसपी डॉ. सत्य प्रकाश को दे दी गई है। जहां थाना खोला गया था, वहां से कुछ कागजात, बिहार पुलिस की वर्दी, बैच और अन्य सामान मिले हैं। शुरूआती जांच में यह बातें सामने आ रही है कि सरगना भोला यादव गांव देहात के भोले भाले लोगों को थाना में बहाल करा देने के नाम पर काली कमाई कर रहा था।






