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भोरे-भोर सड़क पर उतरे अफसर, 5 साल से बंद रास्ता खुलवाया…

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Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा के सलगा पंचायत में आज भोरे भोर BDO सह-अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह करीब चार किलोमीटर पैदल निकले। रास्ते में जहां-जहां लोग मिले, वहीं उनकी चौपाल लग गई। शिकायतें सुनी गईं और कई मामलों में मौके पर ही फैसले भी हो गये। सलगा पंचायत के बैगा टोली तक पहुंचते-पहुंचते करीब 150 ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे इस पैदल भ्रमण का हिस्सा बन चुके थे। लोगों ने वर्षों से चली आ रही समस्याएं खुलकर अधिकारियों के सामने रखीं। सबसे बड़ी शिकायत थी उस सार्वजनिक रास्ते की, जो पिछले करीब पांच वर्षों से अतिक्रमण की वजह से लोगों के लिये परेशानी का कारण बना हुआ था।

खुल गई पांच साल पुराने विवाद की परत

ग्रामीणों ने बताया कि महेंद्र यादव द्वारा सार्वजनिक रास्ते के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लेने से गांव का आवागमन प्रभावित हो रहा है। शिकायत मिलते ही BDO सह-CO ने अंचल अमीन अमलेश यादव के साथ मौके पर पहुंचकर जमीन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद संबंधित व्यक्ति को साफ शब्दों में कहा गया कि सार्वजनिक रास्ते से अतिक्रमण हर हाल में हटाना होगा। प्रशासन की सख्ती के बाद महेंद्र यादव ने भी कब्जा हटाने पर सहमति जता दी। इसके साथ ही अंचल अमीन को पूरे रास्ते की मापी कर अतिक्रमित हिस्से को चिह्नित करने और मार्ग को पूरी तरह कब्जामुक्त कराने का निर्देश दिया गया। BDO सह CO प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि उनका प्रयास है कि हर सुबह गांवों में पैदल पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सीधे समझा जाये और जहां संभव हो, वहीं समाधान किया जाये। उन्होंने स्पष्ट कहा, सार्वजनिक रास्ते पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। लोगों का आवागमन बाधित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का अभियान लगातार जारी रहेगा। पैदल भ्रमण के दौरान अधिकारियों की नजर सलगा चौक स्थित बंद सामुदायिक शौचालय पर भी पड़ी। BDO सह CO ने इसे तत्काल आम लोगों के लिये चालू कराने का निर्देश दिया। उन्होंने शौचालय के संचालन और नियमित साफ-सफाई की जिम्मेदारी स्थानीय दुकानदार को देने तथा रखरखाव के लिये उपयोगकर्ताओं से 5 से 10 रुपये का न्यूनतम शुल्क लेने की व्यवस्था करने को कहा।

जर्जर सड़क पर भी चला प्रशासन का ध्यान

गांव के जिस रास्ते से अधिकारी गुजरे, उसकी टूटी और जर्जर हालत भी नजरअंदाज नहीं हुई। मौके पर मौजूद पंचायत के मुखिया उमेश प्रजापति को निर्देश दिया गया कि सड़क को ‘वीबीजी राम जी योजना’ के तहत स्वीकृत कराकर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाये। प्रशासन की इस पहल से गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस रास्ते को लेकर वर्षों से विवाद था, अब उसके खुलने की उम्मीद जगी है। साथ ही सड़क और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी कार्रवाई शुरू होने से लोगों को राहत मिलने की आस है।

 

 

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