कोहराम लाइव डेस्क : म्यांमार में लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता लगातार सेना के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। इस क्रम में 60 प्रदर्शनकारियों की मौत भी हो चुकी है, पर लोग डर नहीं रहे हैं। सेना के आदेश पर पुलिस प्रदर्शन को कुचलने का लगातार प्रयास कर रही है। इस स्थिति में एक नन के साहस (Courage) की चारों ओर तारीफ हो रही है। एन रोज नु तवांग प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच सिस्टर दीवार बनकर खड़ी हो गईं। उन्होंने पुलिसकर्मियों से यहां तक कहा कि वे उनकी जान ले लें, लेकिन बच्चों पर गोली न चलाएं।
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प्रदर्शन करने वाले लोगों की थी फिक्र
जानकारी के अनुसार, मायटिकिना में जब पुलिस प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पहुंची, तो सिस्टर को पुलिस की क्रूरता समझ में आ गई थी। उन्हें प्रदर्शन करने वाले बेकसूर लोगों की फिक्र थी। इसलिए सफेद रोब और काले हैबिट में हाथ फैलाये सिस्टर रोज सड़क के बीचों-बीच बैठ गईं और गोली न चलाने की गुहार करने लगीं।
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पुलिस फायरिंग में 2 लोगों की हुई मौत
सिस्टर को इस तरह जमीन पर बैठा देखकर पुलिसकर्मी भी कुछ देर के लिए सोच में पड़ गए। अधिकारियों ने हाथ जोड़कर सिस्टर से कहा कि उन्हें प्रदर्शन रोकने के लिए यह करना ही पड़ेगा। इसके कुछ ही देर बाद पुलिस की तरफ से फायरिंग शुरू हो गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। सिस्टर तवांग ने पुलिस की कार्रवाई पर दुख जताते हुए कहा, ‘मेरी मौत तो उसी दिन हो गई थी, जब सेना ने तख्तापलट करके निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतारना शुरू किया था।’
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