रांची (पवन ठाकुर / रुपम) : घिन आती है उन्हें अंकल कहने में। कभी सोचा तक नहीं था कि ऐसे भी होते हैं अंकल। मैं उन्हें रोज गुड मॉर्निग से लेकर गुड नाइट तक बोला करती थी। वह भी कभी-कभी प्यार से पूछ लिया करते थे- कैसी हो? अच्छा लगता था। पर न जाने उस रोज अंकल को क्या हो गया था, मुझे पार्क में खेलते देख मेरे पास आये, मुझे पकड़ लिया और बदतमीजी करने लगे। ऐसा दबोच रखा था कि उनकी पकड़ से छूटना मुश्किल हो गया था। बहुत दर्द हो रहा था। मैं चीखती-चिल्लाती रही, अंकल छोड़ो-छोड़ो। जब रोने लगी, तो आसपास से कुछ आंटी आयीं। तब मैं भागी-भागी सीधे अपने घर गयी। पापा घर में नहीं थे। पापा को फोन कर सबकुछ बताया। भाई घर में था, वह अंकल के पास गया, तो उससे भी बुरा बर्ताव किया गया। उससे भी गाली-गलौज की गयी और मारा-पीटा गया। यह कहना है 17 साल की नाबालिग एक फौजी की बेटी का। सैनिक छावनी परिसर में इस तरह की वारदात चौंका गया।
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वारदात के बाद ये लड़की इतनी डरी-सहमी है कि उसकी आंखों से रात की नींद गायब हो गयी है। रह-रह कर चौंक कर बिस्तर पर बैठ जाती है और रोने लगती है। उसे यह डर सता रहा है कि जब कभी हवलदार संजय कुमार भास्कर अंकल जेल से छूट कर आयेंगे, तो उसे नहीं छोड़ेंगे। उसके बाल मन में ऐसा खुरेच लगा है कि वह अब अकेली कहीं आना-जाना नहीं चाहती। वह आर्मी स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ती है। नाबालिग सीमा (बदला हुआ नाम) सवाल करते हुए कहती है- आखिर उसका कसूर क्या है? बेटी होना क्या गुनाह है? उसने तो कभी किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा। अब अंकल का पूरा परिवार उसके परिवार को तबाह और बरबाद करने के पीछे लग गया है। अंकल की पत्नी गीता भारती ने उसके पापा हवलदार योगेंद्र कुमार पर यह तोहमत लगायी है कि उसके निजी अंगों को दबोचते हुए बेइज्जत किया। उसके 12 साल के बच्चे को भी मारा-पीटा। कितना झूठ बोल गयी आंटी। घटना का समय दिन के साढ़े चार बजे बता रही हैं आंटी। ताज्जुब है कि उस समय पापा अपनी ड्यूटी पर थे। खेलगांव के थानेदार अंकल ने भी गीता आंटी के कहने पर पापा पर झूठा एफआईआर दर्ज किया है। यह एफआईआर इसी साल 19 फरवरी को की गयी। हैरान और परेशान करने वाली बात यह है कि गीता आंटी पिछले साल भी पापा पर छेड़खानी का एक झूठा एफआईआर दर्ज करायी थी। यह एफआईआर बीते साल 5 अक्टूबर को करायी गयी थी। जांच में पापा पर यह आरोप गलत साबित हुआ। एफआईआर को फॉल्स किया गया। सबकुछ जानते हुए भी थानेदार अंकल ने एक बार फिर पापा पर झूठा केस दर्ज कर दिया।
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डीएसपी, रूरल एसपी और सीनियर एसपी अंकल को जाकर मैंने सबकुछ सच बताया और सारा कागज भी उन्हें दिखाया। एसपी अंकल ने भी माना कि यह केस फॉल्स है। थानेदार से कहा कि यह गड़बड़ क्यों करते हो। जब गीता आंटी तक यह बात पहुंची तो वह बहुत गुस्सा गयीं और पापा पर पत्थर से हमला कर दिया। पापा भागते रहे और वह पत्थर फेंकती रहीं। इतना पर भी आंटी का गुस्सा शांत नहीं हुआ, तो उन्होंने पापा की स्विफ्ट डिजायर कार (BRO-2AX-8947) को पत्थर से मार कर सत्यानाश कर दिया। यह घटना 19 फरवरी की है। पापा ने इसकी जानकारी तुरंत खेलगांव के थानेदार और अपने सेना के सभी वरीय अधिकारियों को दी। आंटी को इस बात को लेकर गुस्सा है कि उनके पति हवलदार संजय कुमार भास्कर को जेल भेज दिया गया है। अब आंटी चाहती हैं कि किसी तरह मेरे पापा को भी पुलिस जेल भेज दे। इसके लिए वह हर उल्टा-पुल्टा और गलत काम कर रही हैं और इस काम में आंटी का कुछ लोग साथ भी दे रहे हैं। अगर ऐसा नहीं है तो क्यों मेरे पापा को एक सप्ताह के अंदर क्वार्टर खाली कर दूसरे क्वार्टर में जाने को कहा जा रहा है। क्वार्टर बदलना है तो झूठा केस और मारपीट करनेवाली गीता आंटी को बदलना चाहिए। हैरत तब होती है जब मुझे और मेरे मम्मी पापा को बड़े साहब अंकल लोग ही डांटते हैं।
बदले की नीयत से झूठा केस किया गया है हवलदार योगेंद्र पर : एसपी
सिटी एसपी की गैरमौजूदगी में रूरल एसपी मो नौशाद आलम ने बताया कि बदले की नीयत से हवलदार योगेंद्र कुमार पर झूठा केस किया गया है। यह केस छेड़खानी के आरोप में जेल भेजे हवलदार संजय कुमार भास्कर की पत्नी गीता भारती ने दर्ज कराया है।
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