Khunti : वो स्टेशन… जहां बरसों से धूल उड़ती थी। जहां प्लेटफॉर्म से ज्यादा उम्मीदें टूटी पड़ी थीं। जहां मां अपनी गठरी सम्हालती थी और बेटा लटकते डिब्बे में सपना खोजता था। नाम था—गोविंदपुर रोड स्टेशन। और अब 22 मई की सुबह, वहीं चढ़ेगी विकास की पहली सीढ़ी। PM नरेंद्र मोदी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस स्टेशन को नई पहचान देने वाले हैं। स्टेशन की दीवारें अब सोहराय चित्रों से बोल उठी हैं। सीढ़ियों ने बूढ़े बाबा की लाठी छीन ली है, लिफ्ट में अब मां की गोद में बच्चा मुस्कुरा सकता है। रिजर्व वेटिंग हॉल की ठंडी हवा में अब कोई कुली भी चैन की सांस ले सकता है। ग्रीन गार्डन, चमचमाता प्लेटफॉर्म, और स्टेनलेस स्टील की बेंचें, यह सब अब गोविंदपुर की पहचान बन रही हैं। पहली बार, लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव भी यहीं होगा, मतलब, अब सिर्फ मुसाफिर नहीं, रोजगार, शिक्षा और सपनों की रेल भी यहीं रुकेगी। खूंटी के शिल्प, कर्रा प्रखंड के दस्तकारी और लोकल उत्पाद अब दिल्ली-मुंबई तक सफर करेंगे। जहां कभी सन्नाटा था, अब हर कोने से आवाज आयेगी, “ट्रेन नंबर 18612 अब गोविंदपुर स्टेशन पर आयेगी।”
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