UP : यूपी के फतेहपुर में एक मां ने अपने मासूम बेटे संग जीवन की डोर तोड़ दी। गांव की सरहद पर नीम का पेड़ आज भी खामोश खड़ा है, पर उसकी डालियों पर लटकती वो साड़ी बहुत कुछ कह गई। हमीरपुर निवासी संतराम की बेटी 26 साल की शिल्पी ने अपने पिता को फोन किया, कांपती आवाज थी, पर शब्द ठहरे हुये, ”बाबू, मेरे लिए कफन ले आना…” फिर… मोबाइल बंद, रिश्तों की डोर टूट गई। शिल्पी की शादी बुद्धपाल निषाद से हुई थी। पति गुजरात में नौकरी करता था, एक माह पहले ही लौटा था। घर में सास कलावती, ससुर रामऔतार थे। आये दिन की कहासुनी, ताने, मारपीट से बहू ऊब और तंग आ चुकी थी। विवाद के बाद शिल्पी दो साल के बेटे बबुआ को गोद में लेकर निकली। दो घंटे तक तलाश चली। और फिर, गांव के किनारे, नीम की शाख पर लटकते मिले—मां और बेटा। एक ही साड़ी से बने दो फंदे, एक छोर मां के गले में, दूसरा मासूम की सांसें रोक चुका था। पिता ने बताया—शिल्पी तीन माह की गर्भवती थी। सास गाली देती, मारती। ससुर और दामाद, शराब में धुत होकर बेटी पर जुल्म ढाते रहते थे। फतेहपुर पुलिस ने मीडिया को बताया कि ससुराल पक्ष को हिरासत में लिया गया है। जांच जारी है।
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