आयुर्वेद में सर्व रोग निवारक माना गया है नीम
कोहराम लाइव डेस्क: कुदरत के आंगन में हजारों किस्म के ऐसे पेड़-पौधे हैं, जो हमारे जीवन और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सामान्य रूप से इनके औषधीय गुणों से हम परिचित नहीं होते हैं। ऐसे पेड़ों में Neem की महत्ता को समझना जरूरी है। इसमें निहित गुणों का लाभ उठाने के लिए इसके बारे में हमें जानना लाभदायक है। आज के समय में समय से पहले बालों के झड़ने की समस्या से अनगिनत लोग त्रस्त हैं। यह जानना चाहिए नीम के तेल के नियमित प्रयोग से बालों के झड़ने को कम किया जा सकता है। आयुर्वेद में Neem को सर्व रोग निवारक माना गया है।
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दवा के रूप में काम करती हैं पत्तियां
नीम का पेड़ जहां होता है, अपने आसपास के माहौल को शुद्ध और हमारी सेहत के अनुकूल बनाए रखता है। इसकी पत्तियां, टहनियां हमारी अनेक बीमारियों को दूर करने में दवा का काम करती हैं। नीम दो किस्म का होता है, मीठा नीम और कड़वा। दोनों में ही औषधीय गुण पाए जाते हैं। कड़वे नीम के फायदे अधिक हैं। इसका इस्तेमाल औषधि निर्माण में ज्यादा होता है।
त्वचा की समस्या दूर करे नीम का पानी
यदि त्वचा से संबंधित समस्या है तो पानी में दो बूंद नीम का पानी मिला कर नहाना फाददेमंद होता है। नीम का पानी तैयार करने के लिए आधा लीटर पानी में 50 ग्राम पत्तों को खूब उबालें और फिर छान कर एक बोतल में रख लें।
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बदहजमी दूर करने में दूर करने में सहायक
नीम के पत्तों को पीस कर पेस्ट बना कर चेहरे पर लगाएं।थोड़ी देर बाद चेहरा धोएं। कुछ समय तक नियमित रूप से ऐसा करें। त्वचा चमक जाएगी। भूख न लगती हो या खाने की इच्छा न होती हो तो नीम की कोमल पत्तियों को घी में भून कर खाएं। भूख जग जाएगी और बदहजमी दूर होगी।
दूर करे दांत की बीमारियां
नीम के रस में सेंधा नमक मिला कर मंजन करने या इसकी कोंपलों को पानी में उबाल कर कुल्ला करने से दांतों की सभी बीमारियां दूर होती हैं। किसी भी तरह का घाव भरने के लिए नीम के तेल में थोड़ा-सा कपूर मिला कर लगाने से लाभ होता है।
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