कोहराम लाइव डेस्क : जीव विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान और मनोविज्ञापन तीनों की स्टडी और इसके विशेषज्ञ बताते हैं कि शरीर की आंतरिक जैव क्रियाओं को संतुलित बनाए रखने के लिए बाहरी क्रियाएं भी संतुलित होनी चाहिए। नींद का संबंध केवल हमारे दिमाग से ही नहीं है। जीवन की बाहरी गतिविधियां और पारिवारिक-सामाजिक परिस्थियां भी नींद को प्रभावित करती हैं। किसी भी कारण से यदि हमारी नींद पूरी नहीं होती है अथवा अधूरी रह जाती है, तो दिमाग पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसका मतलब हमारे नर्वस सिस्टम के काम में अड़चन आती है।
कोरोना महामारी ने बढ़ाई नींद की समस्या
नींद न आने की समस्या आजकल आम होती जा रही है, खासतौर पर कोरोना वायरस (Corona virus) महामारी के इस दौर में ये समस्या तेज़ी से बढ़ी है। जानवेला वायरस की वजह से बढ़ती अनिश्चितता व तनाव(Tension), लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से अकेलेपन और एक्टिविटी कम होने से नींद न आना सभी अनुभव कर रहे हैं। जबकि एक अच्छी नींद शारीरिक और मानसिक दोनों के लिए बेहद अहम है।
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सात से आठ घंटे की नींद जरूरी
कहते हैं कि फिट रहने के लिए सात से आठ घंटे की नींद पूरी होना ज़रूरी है। ऐसा नहीं होने पर तमाम तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याएं होने लगती हैं। सबसे ज़्यादा बुरा असर तो मेंटल हेल्थ पर पड़ता है लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अगर आपकी नींद पूरी नहीं होती है तो आप समाज से कटने लगते हैं, अकेले पड़ जाते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर नींद का अकेलेपन से क्या लेना-देना है तो हम आपको बताते हैं। एक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि नींद का सीधा संबंध अकेलेपन और समाज के कटने से है।
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अच्छी नींद के अभाव में समाज से कटने का डर
नेचर कम्युनिकेशन में प्रकाशित शोध के मुताबिक, जो लोग अच्छी नींद लेते हैं वे लोगों से अच्छी तरह से अपनी बात रख पाते हैं। वे समाज से ज़्यादा घुल-मिल पाते हैं लेकिन जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती है, वे समाज से कटने लगते हैं। वे लोगों से घुल-मिल नहीं पाते हैं। इसलिए वे अकेले पड़ने लगते हैं। वहीं नींद पूरी नहीं होने से लोगों में गुस्सा, चिड़चिड़ापन भी बढ़ जाता है। शरीर थका-थका रहता है। इसलिए कोशिश करें कि आपकी नींद पूरी हो।
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बेहतर व्यवहवार के लिए चाहिए अच्छी नींद
शोधकर्ताओं का कहना है कि दिमाग का जो हिस्सा सामाजिक तौर पर सहानुभूति के लिए जिम्मेदार होता है, अगर आप भरपूर नींद नहीं लेते हैं ,तो वह बेहतर तरह से काम नहीं कर पाता है। इसलिए ऐसे लोग दूसरों से अच्छे से व्यवहार नहीं कर पाते। बेहतर व्यवहार के लिए अच्छी नींद चाहिए।
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