- बाहर आकर कहा- खदान खुले, लेकिन स्थानीय को रोजगार मिले
- जिनके पुरखों की जमीन गयी, उनके प्रति न्याय हो
- कंपनी अस्पताल बनवाये, जन सुविधाएं बहाल करे
- टाटा कंपनी को 27 मिलियन टन खनिज उठाने का रास्ता साफ
चाईबासा : सिंहभूम की कांग्रेस सांसद गीता कोड़ा और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा पश्चिम सिंहभूम के नोवामुंडी में जिस टाटा स्टील के खिलाफ पिछले 20 दिनों से सुविधाएं बहाल करने का आंदोलन चला रहे थे, उसके खिलाफ अपना आंदोलन उन्होंने वापस ले लिया है। उन्होंने खदान खोलने का समर्थन कर दिया है। यह समर्थन उस वक्त किया गया, जब आज खदान खोलने के लिए नोवामुंडी में जनसुनवाई चल रही थी। सभी ग्रामीणों ने टाटा के खदान खोलने का समर्थन किया, तो मधु कोड़ा और गीता कोड़ा ने भी अपना समर्थन दे दिया।
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दरअसल पिछले 20 दिनों से कांग्रेस के बैनर तले सांसद गीता कोड़ा, मधु कोड़ा और जगन्नाथपुर के विधायक सोनाराम सिंकू आज होनेवाली जन सुनवाई का विरोध कर रहे थे। क्षेत्र में एक के बाद एक पदयात्रा निकाल कर टाटा के खिलाफ ग्रामीणों को गोलबंद कर रहे थे। लोगों को सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री यह समझा रहे थे कि टाटा स्टील ग्रामीणों के साथ धोखा करती है. उनकी जमीन लूटती है उन्हें रोजगार नहीं देती, ग्रामीणों को टाटा के द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलती. खदान से जन जीवन प्रभावित है, लेकिन टाटा इसपर ध्यान नहीं देती. ऐसी बातों को ग्रामीणों के समक्ष रखकर आज की जनसुनवाई में टाटा के विरोध का ताना-बाना बुना जा रहा था.
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आज जब नोवामुंडी में जनसुनवाई शुरू हुई, तो कांग्रेस का झंडा-बैनर लेकर सांसद गीता कोड़ा और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की अगुवाई में बड़े पैमाने पर लोगों ने टाटा के विरोध में पदयात्रा निकाली, टाटा के खिलाफ खूब नारेबाजी की गयी. लेकिन जनसुनवाई में पहुंचने के बाद सांसद गीता कोड़ा और पूर्व मुख्यमंत्री के सुर बदल गए. 20 दिन का विरोध क्षण भर में ठंडा पड़ गया. मधु कोड़ा और गीता कोड़ा ने टाटा कम्पनी को खदान खोलने का समर्थन दे दिया.
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