कोहराम लाइव डेस्क : केंद्रीय गृह मंत्री Amit-Shah बंगाल दौरे पर हैं। दौरे के दूसरे दिन उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोगों ने बंगाल की कमान बड़ी आस के साथ ममता बनर्जी को दी थी। मगर आज मां, माटी और मानुष का नारा तुष्टिकरण, तानाशाही और टोलबाजी में परिवर्तित हो गया। Amit-Shah ने कहा कि बंगाल की जनता बदलाव के लिए आतुर है। उन्होंने बंगाल में 200 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा भी किया है।
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Amit-Shah ने संगठन की शक्ति को मजबूत करने पर जोर देते हुए आदिवासी कार्यकर्ता के घर दोपहर का खाना खाया। उन्होंने पं. बंगाल के लोगों से ममता सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील की।
गृह मंत्री ने कहा कि 2010 में बड़े चाव के साथ 11 अप्रैल को मां, माटी और मानुष के नारे के साथ बंगाल में परिवर्तन हुआ था। बंगाल की जनता ने बड़ी आस के साथ ममता को बंगाल की कमान सौंपी थी, मगर तृणमूल सरकार जनता की अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर सकी है।
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गृह मंत्री ने कहा कि बंगाल की जनता में एक अजीब प्रकार का वातावरण दिख रहा है। मैं जहां भी गया तो सैकड़ों लोग सकड़ों पर आए थे। जब वो भारत माता की जय, वंदे मातरम, जय श्रीराम के नारे लगाते थे, वो हमारे स्वागत में कम, ममता सरकार के प्रति गुस्से को ज्यादा दिखाते थे।
बंगाल के लोगों से मांगा एक मौका
अमित शाह ने कहा कि मैं बंगाल की जनता को आश्वस्त करने आया हूं कि आपने कांग्रेस को भी 1 मौका दिया, कम्युनिस्टों को भी बार-बार मौके दिए और 2 मौके ममता को दिए। एक मौका नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी को दे दीजिए, हम 5 वर्ष के भीतर सोनार बांग्ला बनाने का वादा करते हैं।
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दक्षिणेश्वर काली मंदिर में टेका मत्था
आज दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत अमित शाह ने दक्षिणेश्वर काली मंदिर से की है। उन्होंने यहां मां काली के दर्शन किए। यहां स्वामी विवेकानंद के गुरु परमहंस ने आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त की थी। परमहंस हिंदू नवजागरण के प्रमुख सूत्रधारों में से एक माने जाते हैं। 2015 में पीएम मोदी ने भी यहां दर्शन किए थे। अमित शाह ने इस मौके पर चैतन्य महाप्रभु, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद और अरबिंदो का जिक्र किया। उन्होंने ममता सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रहा है, लेकिन आज तुष्टिकरण चरम पर है। स्वाभाविक है कि शाह इस कदम से हिंदू मतदाताओं को संदेश दे रहे हैं।






