Kohramlive : आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर है। अब केवल तीन रोज बाकी रह गये हैं। लेकिन पोर्टल की तकनीकी खामियों और रिफंड में हो रही देरी ने लाखों करदाताओं की नींद उड़ा दी है। आयकर विभाग के अनुसार, 11 सितंबर तक 5.48 करोड़ ITR दाखिल हो चुके हैं। इनमें से 5.15 करोड़ का वेरिफिकेशन हो चुका है, मगर केवल 3.66 करोड़ रिटर्न ही प्रोसेस हुये हैं। यानी रिफंड के इंतजार की घड़ी लंबी खिंच सकती है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्सपेयर्स सोशल मीडिया पर लगातार शिकायतें दर्ज कर रहे हैं। AIS, 26AS और TIS जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स एक्सेस नहीं हो पा रहे हैं। पीक ऑवर पर पोर्टल की स्पीड धीमी हो जाती है, जिससे लाखों लोग आखिरी वक्त तक अटके हुये हैं।
डेडलाइन बढ़ने की उम्मीद कम
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार इस बार तारीख आगे बढ़ाने के मूड में नहीं दिख रही। कंपनी सेक्रेटरी दिनकर शर्मा ने मीडिया से कहा कि “अनुपालन और सिस्टम की तैयारी को देखते हुये अंतिम तिथि बढ़ने की संभावना बेहद कम है।” सरकार का अनुमान है कि इस बार 8 करोड़ ITR भरे जायेंगे। मौजूदा गति से लक्ष्य पाना आसान नहीं। 11 सितंबर को 18 लाख ITR फाइल हुये, लेकिन बचे हुये 4 दिनों में 2.5 करोड़ नये रिटर्न भरना एक कठिन परीक्षा है। दरअसल, सरकार ने पहले 31 जुलाई की डेडलाइन को 46 दिन बढ़ाकर 15 सितंबर कर दिया था। वजह थी, फॉर्म्स और यूटिलिटी से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें। अब करदाता और CAs एक बार फिर 15 से 30 दिन की मोहलत मांग रहे हैं।
देर हुई तो भारी पड़ेगा
जिनकी आय 5 लाख से अधिक है, उनके लिए लेट फाइलिंग पर 5000 रुपये तक का जुर्माना तय है। वहीं, देर से दाखिल रिटर्न का मतलब है, रिफंड में और देरी।
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