Ranchi : रांची स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में सोमवार से दो दिवसीय राज्य स्तरीय खरीफ कर्मशाला शुरू हुआ। कृषि निदेशालय, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की ओर से आयोजित इस कर्मशाला में सूखे की आशंका और खरीफ मौसम की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
जिलों ने पेश किया कंटीजेंट प्लान
- कर्मशाला के पहले दिन सभी जिलों के कृषि पदाधिकारियों ने अपनी तैयारियों की जानकारी दी।
- 11 मई को जिलावार कंटीजेंट प्लान (आकस्मिक योजना) पर प्रेजेंटेशन दिया गया।
- 12 मई को खरीफ कर्मशाला का आयोजन होगा।
- कृषि पदाधिकारियों ने आने वाले मौसम और संभावित सूखे को लेकर तैयारियों की जानकारी साझा की।
- जिलों में किसानों को राहत पहुंचाने के लिये बनाई गई योजनाओं पर चर्चा हुई।
किसानों को राहत देने पर फोकस
- बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति एससी दुबे ने कृषि अधिकारियों को कई अहम सुझाव दिये।
- कुलपति ने कहा कि प्राकृतिक आपदा और सूखे की स्थिति में किसानों को अधिकतम राहत पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिये।
- जुलाई के अंतिम सप्ताह तक सभी तैयारियां और योजनाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
- बीज वितरण और नर्सरी प्रबंधन पर विशेष फोकस करने को कहा गया।
- इंटरक्रॉपिंग को बढ़ावा देने की सलाह दी गई।
- सूखे की संभावना होने पर यूरिया के प्रयोग में सावधानी बरतने की बात कही गई।
- सॉइल कंजर्वेशन और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
- किसानों को बागवानी और पशुपालन के लिये भी प्रेरित करने की बात कही गई।
- आम और लीची के पेड़ लगाने तथा खेत खाली न छोड़कर खरीफ सब्जियां लगाने की सलाह दी गई।
मानसून को लेकर व्यापक तैयारी का निर्देश
- कृषि विभाग ने सभी स्तरों पर समन्वय बनाकर तैयारी करने पर जोर दिया।
- उपनिदेशक सांख्यिकीय शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सूखे की आशंका को देखते हुये व्यापक तैयारी का निर्देश दिया है।
- विभाग के सभी प्रभागों को बेहतर समन्वय के साथ काम करने को कहा गया।
- आपदा की स्थिति में किसानों को राहत पहुंचाने के लिये वैकल्पिक योजनाओं पर काम करने का निर्देश दिया गया।
- दो दिवसीय कर्मशाला का उद्देश्य आकस्मिक योजनाओं की जानकारी साझा करना बताया गया।
जिला कृषि पदाधिकारियों ने साझा की तैयारी
- विभिन्न जिलों के अधिकारियों ने अपने-अपने जिले की रणनीति बताई।
- रांची के जिला कृषि पदाधिकारी राम शंकर प्रसाद सिंह ने जिले की आकस्मिक योजना की जानकारी दी।
- उन्होंने बताया कि सूखे की स्थिति को ध्यान में रखकर कंटीजेंट प्लान तैयार किया गया है।
- खूंटी के जिला कृषि पदाधिकारी हरिकेश ने भी जिले की तैयारियों का प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया।
- राज्य के अन्य जिलों के कृषि पदाधिकारियों ने भी अपनी योजनाओं की जानकारी दी।
- कर्मशाला में कृषि और संबंधित विभागों के कई अधिकारी शामिल हुये।
- कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी, विभिन्न जिलों के कृषि पदाधिकारी और कृषि वैज्ञानिक मौजूद रहे।
- बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुये।
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