कोहराम लाइव डेस्क : झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन यानी झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 400 अंकों की होती है। दो पेपर होते हैं। हर पेपर के लिए 200 अंक निर्धारित हैं। प्रत्येक पेपर में 100-100 बहुवैकल्पिक प्रश्न होते हैं। पहला पेपर सामान्य अध्ययन और दूसरा पेपर झारखंड से संबधित होता है। दूसरे पेपर में सभी प्रश्न झारखंड को लेकर ही पूछे जाते हैं। इस परीक्षा में क्वालिफाइंग मार्क्स लाना अनिवार्य होता है, तभी मुख्य परीक्षा में भाग लेने की अनुमति दी जाती है।
गलत आंसर पर नहीं काटे जाते हैं अंक
सिविल सेवा पीटी में प्रश्नों का उत्तर गलत देने की स्थिति में अंक नहीं काटे जाते हैं अर्थात निगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि विज्ञापन के समय जितनी सीटों की घोषणा की जाती है, उससे दस गुना उम्मीदवार पीटी में क्वालिफाइ करते हैं। परीक्षा में प्रश्नों के सही उत्तर की स्थिति से पता चलता है कि 400 अंकों में कितने अंक आने पर उम्मीदवार को क्वालिफाई किया जाएगा।
इसे भी पढ़ें : बदलेंगे श्रम कानून, हफ्ते में मैक्सिमम 48 घंटे काम!
क्वालिफाइंग अंक लाना अनिवार्य
JPSC पीटी में क्वालिफाइंग अंक लाने पर ही मुख्य परीक्षा में शामिल होने की अनुमति होगी। ध्यान रहे दोनों पेपर के लिए दो-दो घंटे का समय होता है। दोनों पेपर में दो अंक का हर प्रश्न होता है। पहले पेपर में भारत का इतिहास से 15 अंकों के सवाल होते हैं। भूगोल से 10 प्रश्न होते हैं। भारतीय राजनीति और शासन से 10 प्रश्न होते हैं। साइंस एंड टेक्नोलॉजी से 15 प्रश्न होते हैं।
किस पेपर में मिलेगा कितना अंक
दूसरे पेपर में झारखंड के इतिहास से 16 अंक के सवाल आते हैं। झारखंड आंदोलन से 14 अंक के सवाल पूछे हैं। झारखंड के लोक साहित्य, नृत्य, संगीत, वाद्य, दर्शनीय स्थल एवं आदिवासी संस्कृति से संबंधित से 10 अंक के प्रश्न आते हैं। सभी पक्ष्खें को ठीक से तैयार करने पर ही परीक्षा में क्वालिफाई किया जा सकता है।
इसे भी पढ़ें : BDS में NEET फेल भी करा सकेंगे Admission












