Kohramlive : बॉलीवुड में कई ऐसे सितारे हैं जिन्होंने गरीबी और संघर्ष से निकलकर अपनी पहचान बनाई, लेकिन कॉमेडियन भारती सिंह की कहानी किसी प्रेरणादायक फिल्म से कम नहीं है। एक समय ऐसा था जब उन्हें और उनके परिवार को कूड़े के ढेर से खाना उठाकर खाना पड़ता था। आज वे करोड़ों की संपत्ति की मालकिन हैं और उनके पास अपनी मिनरल वाटर फैक्ट्री तक है।
जब पेट भरने के लिये नहीं थे पैसे
भारती सिंह का जन्म पंजाब के अमृतसर में हुआ था। जब वे महज दो साल की थीं, तब उनके पिता का निधन हो गया। पिता के जाने के बाद उनकी मां कमला सिंह पर तीन बच्चों की परवरिश की पूरी जिम्मेदारी आ गई। हालात इतने खराब थे कि उनकी मां दूसरों के घरों में जाकर बर्तन धोती थीं, टॉयलेट साफ करती थीं और फैक्ट्रियों में काम करती थीं ताकि अपने बच्चों को दो वक्त की रोटी खिला सकें। लेकिन कई बार ऐसा भी हुआ जब उनके पास खाने तक के पैसे नहीं होते थे और मजबूरी में भारती और उनके भाई-बहन कूड़े के ढेर में फेंका हुआ खाना खाने पर मजबूर हो जाते थे।
कॉलेज के दिनों में भी गरीबी का साया
गरीबी के कारण भारती का बचपन बहुत कठिनाइयों में बीता, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वह पढ़ाई में तो ठीक थीं लेकिन खेलों में भी उनकी रुचि थी। भारती को तीरंदाजी और पिस्टल शूटिंग का शौक था। कॉलेज के दिनों में उन्होंने नेशनल लेवल की आर्चरी (तीरंदाजी) और शूटिंग चैंपियनशिप में भाग लिया था, लेकिन पैसों की तंगी के कारण वह इस खेल को आगे नहीं बढ़ा सकीं।
कॉमेडी ने बदली जिंदगी
भारती की किस्मत तब बदली जब उन्होंने एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो “द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज” में हिस्सा लिया। उनकी कॉमिक टाइमिंग और हाजिरजवाबी ने दर्शकों का दिल जीत लिया और वह धीरे-धीरे टीवी की दुनिया में अपनी पहचान बनाने लगीं। इसके बाद उन्होंने “कॉमेडी सर्कस,” “झलक दिखला जा” और “खतरों के खिलाड़ी” जैसे बड़े शोज में भाग लिया और अपनी जबरदस्त कॉमेडी से दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया।
आज भारती हैं करोड़ों की मालकिन
आज भारती सिंह का नाम बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की टॉप कॉमेडियंस में लिया जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी कुल संपत्ति करीब 23 करोड़ रुपये है। वह एक एपिसोड के लिए 10 से 12 लाख रुपये तक चार्ज करती हैं। इसके अलावा, उन्होंने अमृतसर में एक मिनरल वाटर फैक्ट्री भी शुरू की है जिसका टर्नओवर करोड़ों में है।
मां के संघर्ष का फल
भारती अपनी मां को अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय देती हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था,
“मेरी मां ने बहुत संघर्ष किया, दूसरों के घरों में काम किया, बर्तन धोए, फैक्ट्री में काम किया, लेकिन कभी हमें कमजोर नहीं पड़ने दिया। उन्होंने हमें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।”
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