Arariya (Bihar) : पत्रकार विमल यादव की हत्या की प्लानिंग अररिया और सुपौल जेल के अंदर बनाई गई। इस कांड में पेशेवर शूटरों का इस्तेमाल किया गया। विमल यादव अपने भाई गब्बू यादव की हत्या का गवाह था। उसकी गवाही होनी थी। पर इससे पहले ही उसे भी मौत के घाट उतार दिया गया। इस बात खुलासा आज अररिया के SP अशोक कुमार सिंह ने मीडिया के सामने किया। उन्होंने कहा हत्याकांड में शामिल चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, फरार दो अन्य की तलाश की जा रही है। इस बीच बिहार के CM नीतीश कुमार ने मीडिया से कहा कि पत्रकार विमल यादव की हत्या को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों से अविलंब इस कांड में शामिल अपराधियों की गिरफ़्तारी का निर्देश दिया है।
यहां याद दिला दें कि अररिया के रानीगंज में रहनेवाले पत्रकार विमल यादव की बीते कल हत्या कर दी गई थी। घर पहुंचे बदमाशों ने दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलकर विमल बाहर आये। तभी अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। विमल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। मारे गए विमल के पिता हरेंद्र प्रसाद सिंह ने मीडिया से कहा कि साल 2019 में उनका एक बेटा मारा गया था। अगर अपराधियों को सजा मिल जाती तो यह घटना दोहराती नहीं। सुनें क्या बोलें पिता हरेन्द्र सिंह और अररिया के SP अशोक कुमार सिंह…
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