RANCHI : सोलर सिंचाई योजना का महिला किसानों को भरपूर लाभ मिल रहा है। बहुफसली उपज के कारण उनकी आय बढ़ रही है। खूंटी के कर्रा स्थित सांगोर गांव के खेतों तक पानी पहुंच रहा है। यहां की 33 महिलाएं उच्च मूल्य कृषि के तहत सब्जियों की खेती कर रही हैं। झारखंड में छोटे एवं सीमांत किसानों के खेतों तक सिंचाई की सुविधा पहुंचाने के मुश्किल कार्य को सोलर पंप माउंटेड साइकिल के जरिए आसान बनाया गया है। जिन खेतों तक साधारण पंप से पानी पहुंचाना मुश्किल होता था, आज जोहार परियोजना के माध्यम से उत्पादक समूह की महिलाएं साइकिल आधारित सोलर पंप से छोटे–छोटे खेतों तक आसानी से सिंचाई सुविधा उपलब्ध करा रही है। साइकिल आधारित सोलर पंप सिंचाई की ऐसी आधुनिक व्यवस्था है, जिसकी मदद से किसान सोलर प्लेट और पंप को साइकिल की तरह अपने खेत और नजदीकी जलाशयों तक आसानी से ले जाते हैं।
988 उत्पादक समूहों को चलंत सोलर पंप
राज्य के 988 उत्पादक समूहों को चलंत सोलर पंप एवं 650 सोलर लिफ्ट सिंचाई उपकरण उपलब्ध कराया गया है। जिसके माध्यम से लगभग 19,650 किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। सोलर चलंत पंप गाँव और खेत के दुर्गम रास्तों पर भी ले जाया जा सकता है। इससे किसानों को रबी आदि की फसलों को सिंचित करने में मदद मिल रही है। आगामी 6 महीनों में कुल लिफ्ट इकाइयों की संख्या बढ़ा कर 1310 करने की योजना है। इसके एवज में 1200 इकाइयों का पंजीकरण व स्थल निरीक्षण कर अनुमोदित किया जा चुका है। आगामी 6 महीने में कुल सिंचित भूमि बढ़ा कर 20 हज़ार हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
46 महिला किसान बनीं अ्ग्रणी
खूंटी के मुरहू प्रखंड स्थित पंचघाघ जलप्रपात से सटे कोलोम्दा गांव के उत्पादक समूह की 46 महिला किसान अग्रणी किसान हैं, लेकिन खेती योग्य ज़मीन होते हुए भी उपज ज्यादा नहीं हो पाती थी। उत्पादक समूह की सदस्य राधिका देवी बताती हैं कि हम वर्षों से ही खेती-बाड़ी पर निर्भर रहे हैं। हम सभी पारंपरिक ढंग से खेती करते आ रहे हैं। सिंचाई की समस्या से बहुफसलीय खेती नहीं कर पा रहे थे। लेकिन, अक्टूबर 2020 में जोहार परियोजना हमारे लिए वरदान बन कर आयी। समुदाय आधारित लिफ्ट सिंचाई इकाई की शुरुआत की गई है, इस सिंचाई इकाईं के जरिए बदलाव अब दिखने लगा है। रार रहे।
महिलाओं की आय दोगुनी करने की कोशिश
जोहार परियोजना के तहत ग्रामीण महिलाओं की आय दोगुनी करने की दिशा में कार्य किए जा रहे है, इसी कड़ी में उत्पादक समूह से जुड़ी महिला किसानों को उच्च मूल्य कृषि से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि अच्छी उपज और बड़े बाजार व्यवस्था के जरिए उनकी आमदनी में वृद्धि हो सके। किसान पूरे साल खेती कर सके, इसके लिए परियोजना के तहत सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
इसे भी पढ़ें : दूसरी शादी कर रहा था पति, पटरी पर बैठी पत्नी, फिर जो हुआ…
इसे भी पढ़ें : हे भगवान… 6 नौजवान लड़कों के साथ ये क्या हो गया
इसे भी पढ़ें : बाप रे… इतना दर्दनाक हादसा, देखने वालों की कांप गई रूह
इसे भी पढ़ें : उधर घर वालों ने प्रेमी को पीटा, इधर प्रेमिका ने कर डाला बड़का कांड
इसे भी पढ़ें : बिल से निकलते ही दबोच लिया गया ‘चूहा’!
इसे भी पढ़ें : Fever में गर्म क्यों हो जाता है शरीर
इसे भी पढ़ें : UP Election 2022: पहले चरण में पड़े 60.17% मतदान, देखें पूरी लिस्ट
इसे भी पढ़ें : चतरा पुलिस ने गाड़ी रोक अंदर झांका तो…












