New Delhi : पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव के बीच भारत(India) सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिये बड़े पैमाने पर अभियान तेज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार अब तक 1,200 से अधिक भारतीयों को ईरान से सही-सलामत बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें सबसे अधिक संख्या छात्रों की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने मीडिया को बताया कि निकाले गये 1,200 नागरिकों में 845 छात्र शामिल हैं।
भारत (India) को अंतरराष्ट्रीय बैठक में बुलावा
इनमें से 996 लोगों को आर्मेनिया और 204 को अजरबैजान के रास्ते बाहर निकाला गया है। दोनों देशों में भारतीय दूतावासों की मदद से इन नागरिकों के लिये ट्रांजिट और वापसी की पूरी व्यवस्था की गई है। संघर्ष के कारण ईरान से सीधे भारत(India) आने वाली उड़ानें प्रभावित हैं। ऐसे में सरकार ने आर्मेनिया और अजरबैजान के जरिये सुरक्षित निकासी का रास्ता चुना है। विदेश मंत्रालय ने इन देशों में अपने मिशनों को अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी तरह की परेशानी से तुरंत निपटा जा सके।
इस बीच यूनाइटेड किंगडम ने भारत को होर्मुज से जुड़े वैश्विक मसले पर 35 देशों की बैठक में शामिल होने का न्योता दिया है। इस बैठक में भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी वर्चुअली हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस संकट को लेकर वैश्विक नेताओं से लगातार बातचीत की है। बीते 28 मार्च को उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर चर्चा कर क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा ढांचे पर हमलों और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर जोर दिया।


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