कोहराम लाइव डेस्क: उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक हर कोई चावल का फैन है। ऐसा ही चावल का एक प्रकार है जिसका नाम है ,बैंबू राइस, सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। बैंबू राइस के सेवन से Fertility क्षमता भी बेहतर होती है।एक शोध में अनुसार बांस के चावलों का सेवन करने से महिला और पुरुष दोनों की फर्टिलिटी बूस्ट होती है। साथ ही बैम्बू के बीजों से निकाले गए ऑयल के जरिए भी इनफर्टिलिटी का उपचार किया जा सकता है
पुरुषों में बढ़ती है प्रजनन क्षमता
अगर आपको भी संतान को जन्म देने में समस्या हो रही है तो आप बैंबू राइस का सेवन कर सकते हैं। इससे न सिर्फ महिला को बल्कि पुरुषों को भी फायदा होता है। एक रिसर्च के अनुसार बांस के चावलों का सेवन करने से पुरुषों का स्पर्म काउंट तेजी से बढ़ता है जो पुरुषों की प्रजनन क्षमता को बूस्ट करता है। अध्ययन में चूहों पर की गई एक रिसर्च में इस बात का पता चला है कि बैंबू राइस से प्रजनन क्षमता को बेहतर किया जा सकता है। ऐसे में अगर आप इनफर्टिलिटी की समस्या से जूझ रहे हैं तो आपको बैंबू राइस का सेवन करना चाहिए।
मूड़ ठीक करता है राइस
राइस न्यूरोट्रांसमीटर सेरोटिन और डोपामइन रिलीज करते हैं। जो मूड को बेहतर बनाने का कार्य करता है। इसके अलावा यह मस्तिष्क की कार्य प्रणाली पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है।
चावल और गेंहू की तुलना में प्रोटीन ज्यादा
बांस के चावल पर किए गए एक रिसर्च में पता चला कि इसमें चावल और गेहूं दोनों की तुलना में प्रोटीन सामग्री काफी ज्यादा है। इसका सेवन जोड़ों के दर्द, कमर दर्द और आमवाती दर्द आदि में भी काफी फायदेमंद है। इसका नियमित सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है। इसके साथ ही इसमें मधुमेह को नियंत्रित करने के चमत्कारी गुण मौजूद है।
कलेस्ट्रॉल को करें कम
बैंबू राइस में फाइबर का मात्रा अधिक होती है। जिससे यह कोलेस्ट्रॉल को कम करने में फायदेमंद साबित होता है। इसमें मौजूद फाइटोस्टेरॉल कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) के स्तर को कम करते हैं। इसके साथ ही इसे खाने से पेट भरा रहता है।
डायबिटीज को करें कम
इसमें एंटीऑक्सीडेंट और लिनोलेइक एसिड के गुण पाए जाते हैं जो डायबिटीज जैसी बीमारी के खतरे को कम करने में मददगार होते है। महिलाओं के लिए बैंबू राइस का सेवन काफी फायदेमंद होता है।
आदिवासियों द्वारा उगाया जाता है
बांस का चावल यानी बैंबू राइस, जंगल में रहने वाले आदिवसियों द्वारा उगाया जाता है। इसके सेवन से कई तरह की बीमारियों से राहत मिल सकती है। बैम्बू राइस को मुल्यारी के नाम से भी जाना जाता है। यह चावल असल में बांस के मरने वाले गोली का बीज होता है। इसे बनने में लगभग 60 वर्ष तक का समय लग जाता है। इसकी बिक्री ज्यादातर ऑनलाइन ही होती है। लेकिन एक्सर्ट्स मानते हैं कि आने वाले सालों में इसकी बिक्री बहुत आम हो जाएगी और यह लगभग हर जनरल स्टोर पर उपलब्ध होगा।
बांस के एक कटोरे चावल में इतने प्रतिशत पोषक तत्व मौजूद होते हैं
कैलोरी की मात्रा -160
कार्बोहाइड्रेट -34 ग्राम
प्रोटीन – 3 ग्राम
कोलेस्ट्रॉल – 0
इसे भी पढ़ें :अमेरिका में पहली मई से सबके लिए खुल जाएगा Corona vaccine…
इसे भी पढ़ें:कंट्रोल करना है थायरॉइड, तो करें नारियल का सेवन












