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झारखंड में बरसाती मच्छरों का डंक डराने लगा, तीन बच्चों की मौ’त…

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Ranchi : झारखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही मच्छर जनित बीमारियों ने चिंता बढ़ा दी है। पूर्वी सिंहभूम में सेरेब्रल मलेरिया से कथित तौर पर तीन बच्चों की मौत की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। कई गांवों में मलेरिया के नये मरीज मिलने और कई बच्चों के गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती होने के बाद बड़े पैमाने पर जांच, स्क्रीनिंग और निगरानी अभियान शुरू किया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में मलेरिया के मामलों में तेजी आना सामान्य बात है, लेकिन सेरेब्रल मलेरिया जैसे गंभीर संक्रमण के मामले सामने आना बेहद चिंताजनक है।

यह है सेरेब्रल मलेरिया

सेरेब्रल मलेरिया, मलेरिया का सबसे खतरनाक रूप माना जाता है। यह मुख्य रूप से प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम नामक परजीवी (पैरासाइट) के संक्रमण से होता है। इस बीमारी में संक्रमित लाल रक्त कोशिकाएं मस्तिष्क की छोटी रक्त वाहिकाओं में रुकावट पैदा कर देती हैं, जिससे दिमाग प्रभावित होने लगता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर मरीज की जान भी जा सकती है। विशेषज्ञ इसे मेडिकल इमरजेंसी मानते हैं और ऐसे मरीजों को तत्काल अस्पताल में भर्ती करने की सलाह देते हैं।

बरसात में इसलिये बढ़ता है मलेरिया का खतरा

मानसून के दौरान जगह-जगह पानी जमा हो जाता है। यही ठहरा हुआ पानी मादा एनोफिलीज मच्छर के प्रजनन के लिये सबसे अनुकूल वातावरण बनाता है। यही मच्छर मलेरिया फैलाने के लिए जिम्मेदार होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई से अक्टूबर के बीच डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले सबसे अधिक सामने आते हैं। इसलिये इस मौसम में विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है। मलेरिया का संक्रमण किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोग इसकी चपेट में जल्दी आ जाते हैं। जैसे छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, कमजोर प्रतिरक्षा (इम्यूनिटी) वाले लोग। इन वर्गों में बीमारी तेजी से गंभीर रूप ले सकती है।

ऐसे पहचानें मलेरिया के लक्षण

शुरुआत में मलेरिया सामान्य वायरल बुखार जैसा लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे इसके लक्षण गंभीर होने लगते हैं। मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना और कंपकंपी, अत्यधिक पसीना आना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी, मतली और उल्टी, शाम के समय तेज कंपकंपी के साथ बुखार आना शामिल हैं।  यदि बुखार के साथ ये लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिये। लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

ऐसे करें मलेरिया से बचाव

मलेरिया से बचने का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों से बचाव है।

  • घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
  • कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें।
  • पानी की टंकियों को हमेशा ढककर रखें।
  • पुराने टायर, गमले और डिब्बों में पानी जमा न होने दें।
  • रात में मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
  • पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
  • मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का उपयोग करें।
  • बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।

 

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