Palamu : IB के दिग्गज गिने-चुने कुछ अधिकारियों ने 25 लाख के टॉप इनामी नवीन यादव के मन को बदल दिया। इसमें करीब उन्हें 13 दिन लग गये। इसके बाद नवीन यादव ने आज सरेंडर कर दिया। नवीन चतरा जिले के प्रतापपुर का रहनेवाला है। इसके खिलाफ झारखंड और बिहार में 90 से ज्यादा केस दर्ज है। नवीन यादव का ठिकाना बूढ़ा पहाड़ था। यहीं से वह आतंक की गाथा लिख अपनी हुकूमत कायम किए हुए था। बूढ़ापहाड़ पर ऑक्टोपस ऑपरेशन के बाद नवीन यादव ने अपना ठिकाना बदल लिया था। वह फिलहाल पलामू इलाके में पनाह लिए हुए था। वह IB के कुछ दिग्गज अधिकारियों के संपर्क में आ गया। वह सरकार की सरेंडर पॉलिसी से भी प्रभावित था। कुछ दिन पहले चतरा के कुंदा में सुरक्षाबलों के साथ उसकी मुठभेड़ भी हुई थी। इस मुठभेड़ के दौरान भी वह बच कर भाग निकला था। हालांकि, बुधवार को सुरक्षा एजेंसियों के टॉप अधिकारियों के सामने उसने सरेंडर कर दिया है।
नवीन यादव का नाम तब उभरकर सामने आया था जब साल 2011 में लातेहार के गारु में तत्कालीन चतरा सांसद इंदर सिंह नामधारी के काफिले पर हमला हुआ था। इस हमले में 11 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, 2012 में गढ़वा के भंडरिया में थानेदार सहित 12 जवानों को उड़ा दिया था। बूढ़ापहाड़ के इलाके में नविन माओवादियों का थिंक टैंक माना जाता था। संदीप यादव और विमल यादव के बाद नवीन यादव माओवादियों का तीसरा सबसे बड़ा चेहरा था। साल 2016 में बिहार के गया और औरंगाबाद बॉर्डर पर पुलिस पर हमला किया गया था। इस हमले में कोबरा के 10 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले में भी नवीन यादव का नाम उछला था।
इसे भी पढ़ें : हजारीबाग में माफियाओं को झटका… देखें कैसे
इसे भी पढ़ें :वर्चस्व और आपसी रंजिश का नतीजा है कोयला कारोबारी का मारा जाना… देखें
इसे भी पढ़ें :रांची पहुंचे टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के खिलाड़ी, 27 को JSCA में होगा मुकाबला
इसे भी पढ़ें :रेलवे ओवर ब्रिज पर रिकवरी एजेंट को ठोक डाला… देखें
इसे भी पढ़ें :फिर एक जवान हुआ IED ब्लास्ट का शिकार… देखें
इसे भी पढ़ें :पुलिस की तीसरी आंख डैमेज करने वालों का क्या हुआ हाल… देखें








