Ranchi : गांव-देहात में रहनेवाली महिलाओं की भलाई के लिये साल 2013 से 2019 तक सखी मंडल को 1 हजार 114 करोड़ रुपये दिये गये। वहीं, 2019 से 30 जून 2024 तक 10 हजार 111 करोड़ की राशि सखी मंडल से जुड़ी महिलाओं को उनके सशक्तिकरण हेतु दी गई। वहीं 2013 से 2019 तक 2 करोड़ 45 लाख सखी मंडल की संख्या बढ़कर 30 जून 2024 तक 2 करोड़ 88 लाख हो गई। इसी तरह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए राज्य के 26 लाख परिवारों को आजीविका के सशक्त माध्यमों से जोड़ा गया है। कृषि, पशुपालन, वनोपज, अंडा उत्पादन, जैविक खेती आधारित आजीविका से ग्रामीण परिवारों को लाभ मिला। राज्य संपोषित जोहार परियोजना के तहत 17 जिलों के 68 प्रखण्डों के 3816 गांव में 3900 उत्पादक समूह एवं 21 उत्पादक कंपनियों का गठन एवं संचालन हुआ। जिसके तहत राज्य के करीब 2 करोड़ 25 लाख परिवारों की आय में बढ़ोतरी हुई। महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना के जरिये राज्य के 3 लाख परिवारों को लाह, रेशम, औषधिय पौधे की खेती, ईमली, कृषि एवं पशुपालन से जोड़ा गया है। करीब 31 हजार 861 किसानों को टपक सिंचाई तकनीक से जोड़ कर उन्नत खेती की जा रही है। इस परियोजना के तहत 30 हजार महिला किसानों को जोड़ने का लक्ष्य है।
तकनीक में निपुण हो रहीं महिलाएं
राज्य में बैंकिग कॉरेस्पॉन्डेंट सखी, पशु सखी, कृषि सखी, वनोपज मित्र, आजीविका रेशम मित्र, सीआरपी समेत, करीब 80,000 सामुदायिक कैडर को प्रशिक्षित कर परियोजना के क्रियान्वयन एवं विस्तारण में लगाया है। आधुनिक संचार तकनीक से इन महिलाओं को लैस किया गया है।
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