Kohramlive : मानसून में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, इसलिये खानपान और साफ-सफाई पर गौर करना जरूरी है। मानसून में बच्चों को कुछ चीजों को खिलाने से बचाना या सीमित रखना बेहतर है:
- बाहर का खुला खाना: चाट, गोलगप्पे, कटे फल और खुले में रखे खाद्य पदार्थ संक्रमण का खतरा बढ़ा सकते हैं।
- बासी भोजन: लंबे समय तक रखा हुआ खाना बैक्टीरिया की वृद्धि का कारण बन सकता है, जिससे फूड पॉइजनिंग, उल्टी और दस्त हो सकते हैं।
- बहुत अधिक तला-भुना और मसालेदार भोजन: इससे अपच, गैस और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- मीठे सॉफ्ट ड्रिंक: इनमें पोषण कम और चीनी अधिक होती है। इन्हें नियमित रूप से देने से बचें।
- अधपकी या ठीक से न धुली सब्जियां: खासकर पत्तेदार सब्जियों को अच्छी तरह धोकर और पूरी तरह पकाकर ही खिलाएं।
ठंडी चीजों के बारे में
यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि ठंडे पेय या ठंडी चीजें सीधे सर्दी-जुकाम का कारण बनती हैं। सर्दी-जुकाम मुख्यतः वायरस से होता है। हालांकि, यदि बच्चे को पहले से गले में तकलीफ है या बहुत ठंडे पेय से असहजता होती है, तो उन्हें सीमित रखना उचित हो सकता है।
बच्चों को ये खिलायें
- ताजा घर का बना भोजन
- मौसमी फल (अच्छी तरह धोकर और काटकर)
- दाल, खिचड़ी, दलिया
- दही (यदि बच्चे को कोई समस्या न हो और डॉक्टर ने मना न किया हो)
- पर्याप्त मात्रा में पानी
- नारियल पानी, नींबू पानी (स्वच्छ पानी से), सूप
ये बरतें सावधानियां
- खाने से पहले और शौचालय के बाद बच्चों के हाथ साबुन से धुलवायें।
- पीने के लिये साफ या उबला हुआ पानी दें।
- भोजन हमेशा ताजा बनाकर खिलायें।
- यदि बच्चे को तेज बुखार, लगातार उल्टी, दस्त या सुस्ती हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- मानसून में संतुलित आहार, स्वच्छ भोजन और अच्छी व्यक्तिगत स्वच्छता बच्चों को मौसमी संक्रमणों से काफी हद तक सुरक्षित रखने में मदद करती है।
इसे भी पढ़ें : 1 जुलाई से बदल जायेंगे ये 6 बड़े नियम, एक चूक बढ़ा सकती है परेशानी…
इसे भी पढ़ें : इस इलाके में घूम रहा 30 हाथियों का झुंड, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट…
इसे भी पढ़ें : आखिरी मौका! रांची में होल्डिंग टैक्स पर 10% की छूट…
इसे भी पढ़ें : इस शख्स ने चौंकाया अधिकारियों को, सवा करोड़ का सोना मिला बदन के अंदर…
इसे भी पढ़ें : साप्ताहिक राशिफल (28 जून-4 जुलाई): इन राशियों पर होगी धन और कामयाबी की बरसात…








