Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा की शांत पहाड़ियों के बीच बसे चिनियां आवासीय विद्यालय में शनिवार का दिन कुछ अलग था, कक्षाओं की दीवारों पर सशक्तिकरण की नई आवाज सुनाई दी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) गढ़वा की ओर से आयोजित विधिक साक्षरता सह जागरूकता कार्यक्रम ने बच्चियों के मन में अपने अधिकारों को लेकर नई रोशनी जगाई। चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल प्रवीण साहू और असिस्टेंट लीगल डिफेंस काउंसल उत्तम कुमार जब मंच पर पहुंचे, तो छात्राओं की तालियों में स्वागत के साथ एक उम्मीद भी थी, कुछ नया सीखने की, कुछ नया समझने की।
उत्तम कुमार भारती ने सहज भाषा में समझाया कि क्या है अनुच्छेद 21—जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार, कानून की उचित प्रक्रिया क्यों जरूरी है और 6 से 14 साल तक हर बच्चे को मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा क्यों उसका मौलिक अधिकार है। बच्चियों ने सबकुछ बहुत ध्यान से जाना-सुना। प्रवीण साहू ने बेहद संवेदनशील और सरल शब्दों में बात रखी। उन्होंने बताया 2012 से लागू पोक्सो एक्ट बच्चों को हर तरह के यौन शोषण से बचाने की ढाल है। उन्होंने समझाया कि अपराध की गंभीरता के आधार पर सजा, जुर्माना, न्यूनतम 3 साल की कैद और कुछ मामलों में आजीवन कारावास तक की कठोर व्यवस्था है। विद्यालय की प्राचार्या जयवंती पन्ना ने सभी अतिथियों और विधिक सेवा प्राधिकार टीम को धन्यवाद दिया। मौके पर पीएलवी राम प्रताप सिंह, मदनदीप कुमार यादव, तृप्ता भानु और विद्यालय की शिक्षिकायें
सुमंत कुजूर, मनोरमा कुजूर, सुषमा कुमारी मौजूद रहीं।
इसे भी पढ़े : आंखों के सामने अचानक अंधेरा, एक खामोश चेतावनी
इसे भी पढ़े : मॉल में सेल्फी लेने में बिजी थी मां और मौसी, बेटा नीचे…






