Garhwa(Nityanand Dubey) : जिंदगी पर तेजाब का हमला कई बार सपनों, आत्मविश्वास और भविष्य को भी झुलसा देता है। ऐसे पीड़ितों को न्याय, सम्मान और नई उम्मीद दिलाने के लिये जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) गढ़वा ने आज छतरपुर पंचायत भवन में आयोजित कानूनी जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीणों को तेजाब हमले के पीड़ितों के अधिकारों और उनके लिये उपलब्ध सरकारी सहायता योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देश पर चलाये जा रहे 90 दिवसीय आउटरीच अभियान के तहत आयोजित किया गया।
तेजाब हमला सिर्फ अपराध नहीं, इंसानियत पर हमला : अनीता रंजन
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि LADC अनीता रंजन ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुये कहा कि तेजाब हमला समाज का सबसे क्रूर और अमानवीय अपराधों में से एक है। ऐसे मामलों में पीड़ितों को केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक सहयोग की भी जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि नालसा और DLSA की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पीड़ितों को न्याय दिलाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। कार्यक्रम में LADC उत्तम भारती ने उपस्थित लोगों को बताया कि तेजाब हमले के किसी भी पीड़ित को FIR दर्ज कराने से लेकर अदालत में मुकदमे की अंतिम सुनवाई तक मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी किसी भी पीड़ित के न्याय पाने की राह में बाधा नहीं बनने दी जायेगी। जरूरतमंदों को निःशुल्क अधिवक्ता और कानूनी परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। जागरूकता कार्यक्रम में बताया गया कि तेजाब हमले के शिकार लोगों के लिये सरकारी स्तर पर वित्तीय सहायता, मुफ्त चिकित्सा सुविधा और पुनर्वास की योजनायें संचालित हैं। DLSA यह सुनिश्चित करता है कि पीड़ितों तक इन योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचे और उन्हें अपनी जिंदगी दोबारा संवारने का अवसर मिले।
पीड़ित की पहचान रखना कानूनन गोपनीय
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि तेजाब हमले के पीड़ितों की पहचान को गोपनीय रखना कानून का महत्वपूर्ण प्रावधान है। इसका उद्देश्य पीड़ितों की गरिमा और निजता की रक्षा करना है, ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। अनीता रंजन ने कहा कि जागरूकता की कमी के कारण कई पीड़ित अपने अधिकारों और सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी नहीं जुटा पाते। ऐसे में गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, तेजाब हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना कानून की प्राथमिकता है। कार्यक्रम के अंत में PLV मुरली श्याम तिवारी ने उपस्थित ग्रामीणों को हेल्पलाइन नंबर और संपर्क सूत्रों की जानकारी दी, ताकि जरूरत पड़ने पर वे आसानी से कानूनी सहायता प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर पंचायत मुखिया संगीता देवी, पंचायत सचिव रेखा बाड़ा, पीएलवी यशवंत मिश्रा, उदय कुमार कुशवाहा, तृप्ता भानु, रमाशंकर चौबे, कल्पना देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
इसे भी पढ़ें : रांची में PCR, टाइगर मोबाइल, शक्ति कमांडो और हाईवे पेट्रोलिंग टीमें होंगी रेस…
इसे भी पढ़ें : हरमू मैदान में ब्राउन शुगर का खेल बेनकाब…
इसे भी पढ़ें : बिहार की जर्दालू आम पहुंचेगी राष्ट्रपति भवन से प्रधानमंत्री आवास तक…
इसे भी पढ़ें : मधु पालक दीदियों के काम लाजवाब, देशभर के बाजारों तक पहुंचाने पर जोर…
इसे भी पढ़ें : अब जमीन खरीदने से पहले मिलेगी पूरी जानकारी, CM ने दिये स्पष्ट रोडमैप…






