Kohramlive : आंखों के सामने अचानक छा जाने वाला कुछ सेकंड का अंधेरा सिर्फ थकान नहीं, जिंदगी की एक गहरी चेतावनी भी हो सकता है। डॉक्टरी भाषा में इसे ट्रांजिएंट विजन लॉस कहते हैं, यानी पलक झपकते-झपकते आंखों का उजाला पल भर को गायब हो जाना, लेकिन इसका मतलब बहुत गहरा है। यह स्थिति तब होती है, जब आंखों तक जाने वाली रक्त वाहिकाओं में खून कुछ समय के लिये अटक जाता है। इसके पीछे का कारण अक्सर कोलेस्ट्रॉल का जमाव, खून का छोटा-सा थक्का या बीपी/हार्ट से जुड़ी परेशानी हो सकती है। इसे हल्के में लेना कई बार दिल के दौरे और स्ट्रोक का रास्ता खोल सकता है। आंखों के सामने अंधेरा छाना, कई बार ट्रांजिएंट इस्केमिक अटैक (TIA) यानी मिनी स्ट्रोक का संकेत है। जब आंखों को खून पहुंचाने वाली नस किसी थक्के से कुछ पल के लिये बंद हो जाती है तो रोशनी डगमगा जाती है। समस्या खुद ठीक भी हो जाये, यह चेतावनी है कि आगे चलकर बड़ा स्ट्रोक भी हो सकता है। कई बार यह अंधेरा गंभीर एनीमिया या लो ब्लड शुगर की वजह से भी आता है। जब खून में ऑक्सीजन या ग्लूकोज कम हो तो शरीर सबसे पहले आंखों को चेतावनी भेजता है। अगर अंधेरा छाने के साथ, बोलने में दिक्कत, हाथ–पैर में कमजोरी, तेज सिरदर्द चक्कर दिखाई दे तो यह मेडिकल इमरजेंसी है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से मिलना बेहद जरूरी है।





