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#CM_HemantSoren के मानहानी का मुकदमा स्वीकार, निशिकांत को 22 सितंबर को हाजिर होने का आदेश

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लीगल रिपोर्टर, रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से गोड्डा सांसद डॉ निशिकान्त दुबे के साथ-साथ सोशल मीडिया के दो प्लेटफार्म फेसबुक और ट्विटर के खिलाफ दायर दीवानी मुकदमे को कोर्ट ने आगे की सुनवाई करने के लिए स्वीकार कर लिया है। मुकदमे को स्वीकार करने के बिंदु पर सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बहस किया। उनके दलीलों को सुनने के बाद सिविल कोर्ट रांची के सब जज वन वैशाली श्रीवास्तव की अदालत ने मामले को स्वीकार कर लिया। साथ ही साथ कोर्ट ने विपक्षी गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे सहित दो अन्य के खिलाफ नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

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जारी नोटिस के माध्यम से कोर्ट ने तीनों विपक्षियों से लिखित जवाब देने को कहा है। विपक्षियों का कोर्ट में स्वयं या अधिवक्ता के माध्यम से हाजिर होकर जवाब देने के लिए मामले में 22 सितंबर की तिथि निर्धारित की गई है। उक्त मुकदमा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निशिकांत दुबे सहित दो अन्य सोशल मीडिया के खिलाफ  अपने अधिवक्ता के माध्यम से 4 अगस्त 2020 को कोर्ट में दर्ज कराया है।

सांसद निशीकांत दुबे की आपत्तिजनक टिप्पणी से मेरे आत्मसम्मान को चोट लगी : सीएम हेमंत सोरेन

बता दें कि निशिकांत दुबे ने 4 अगस्त से पूर्व ट्विटर पर मुख्यमंत्री के खिलाफ गंभीर आरोप लगाये थे। इसके बाद सीएम ने ट्विटर पर ही कहा था कि वह 48 घंटे के भीतर उनके  खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। मुकदमा नागरिक प्रक्रिया कोड की धारा 26 के तहत किया गया है। कानून के जानकार के अनुसार धारा के तहत जब किसी के आत्मसम्मान पर गहरा ठेस पहुंचता है। तभी पीड़ित व्यक्ति अपमानजनक टिप्पणी करने वाले के खिलाफ दीवानी मुकदमा दर्ज करा कर मुआवजा राशि का क्लेम करता है। दायर मुकदमे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सांसद निशीकांत दुबे की आपत्तिजनक टिप्पणी से उनके आत्मसम्मान को चोट लगी है। बरसों से बनी बनाई छवि धूमिल हुई है। जिसकी  भरपाई राशि से नहीं की जा सकती। फिर भी आत्मसम्मान में कमी और छवि को धूमिल करने के एवज में मुख्यमंत्री ने गोड्डा सांसद और दो अन्य के खिलाफ क्षतिपूर्ति राशि के रूप में करोड़ों की राशि का दावा किया है। मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी मिलने पर गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने उसी दिन 5 अगस्त को ट्विटर पर लिखा था की दुष्कर्म और अपहरण का आरोपी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी आप पर किसी लड़की ने मुंबई में मुकदमा दर्ज कराया। आप उस लड़की पर केस नहीं करके मेरे ऊपर केस कर रहे हैं। धन्यवाद आपका सौभाग्य है कि सरयू राय की तरह मुझे भी मुख्यमंत्री से लड़ने का मौका मिला।’

क्या है मामला

मालूम हो कि 28 जुलाई, 2020 को सांसद ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने कहा था, ‘महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख जी, मुंबई शहर में 2013 में झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी पर एक लड़की ने बलात्कार और अपहरण के आरोप लगा कर थाने में मुकदमा दर्ज कराई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार समझौते से भी यह आरोप बंद नहीं हो सकता।’इस ट्वीट में उन्होंने एनसीपी नेता शरद पवार, उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले, भारत के गृह मंत्री अमित शाह और बीएल संतोष को टैग किया था। वे एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘एक मुख्यमंत्री पर यह आरोप लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। इसकी जांच मुंबई पुलिस को तुरंत दुबारा करनी चाहिए।’

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