Ranchi : झारखंड में मानसून समय पर पहुंच तो गया, लेकिन उसकी शुरुआत उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। खेतों में हरियाली की आस लगाये बैठे किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं, क्योंकि मानसून के शुरुआती 18 दिनों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे रहा है। रांची के मौसम विभाग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि 1 जून से 18 जून के बीच राज्य में औसतन सिर्फ 30.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, वहीं, इस अवधि में सामान्य तौर पर 74.9 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिये थी। यानी झारखंड में अब तक 59 प्रतिशत कम बारिश हुई है। राज्य के 24 जिलों में से केवल रांची ऐसा जिला रहा, जहां वर्षापात सामान्य श्रेणी में दर्ज किया गया। बाकी 23 जिलों में मानसून अपेक्षा से कमजोर साबित हुआ। मौसम विभाग के मानकों के अनुसार सामान्य वर्षा से 19 प्रतिशत कम या 19 प्रतिशत अधिक वर्षा को सामान्य श्रेणी में रखा जाता है। रांची में अब तक 86.9 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य 77.5 मिलीमीटर से लगभग 12 प्रतिशत अधिक है।
गढ़वा में एक बूंद नहीं, पलामू-साहिबगंज भी बेहाल
मानसून की सबसे खराब तस्वीर पलामू प्रमंडल और संताल परगना के कुछ हिस्सों से सामने आई है। गढ़वा में जहां इस अवधि में सामान्य रूप से 46.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिये थी, वहां अब तक एक बूंद भी बारिश दर्ज नहीं हुई। यानी 100 प्रतिशत वर्षा की कमी। इसी तरह पलामू में 97% कम बारिश, साहिबगंज में 97% कमी, चतरा में 95% कमी, लोहरदगा में 94% कमी, सरायकेला-खरसावां में 84% कमी एवं खूंटी में 77% कम वर्षापात दर्ज किया गया। इन आंकड़ों ने मौसम वैज्ञानिकों के साथ-साथ किसानों की भी चिंता बढ़ा दी है।
धान की खेती पर पड़ सकता है असर
झारखंड की कृषि काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है। राज्य में सबसे अधिक खेती धान की होती है और जून का महीना बिचड़ा तैयार करने के लिये बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।बारिश की कमी का सीधा असर खेतों पर दिखने लगा है। कई इलाकों में किसान अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि धान की रोपाई की तैयारी शुरू हो सके। ग्रामीण इलाकों में किसान कह रहे हैं कि अगर अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खेती का कैलेंडर प्रभावित हो सकता है।
क्या अल नीनो का दिख रहा असर?
मौसम विशेषज्ञ पहले ही इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा की आशंका जता चुके हैं। मानसून की शुरुआती सुस्ती ने उन आशंकाओं को और बल दिया है। हालांकि मौसम वैज्ञानिक अभी इसे पूरे सीजन का संकेत मानने से बच रहे हैं, क्योंकि मानसून की यात्रा अभी लंबी है। मौसम केंद्र ने अपने ताजा पूर्वानुमान में आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवा और वज्रपात की भी आशंका व्यक्त की गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल मानसून कमजोर पड़ा हुआ है और अनुकूल परिस्थितियां नहीं बनने के कारण यह रांची से आगे तेजी से नहीं बढ़ पा रहा है। बताया गया कि जून के अंतिम सप्ताह में, खासकर 23 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की लगभग 50 प्रतिशत संभावना है। यदि यह सिस्टम बनता है, तो झारखंड के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है और मानसून की सुस्त चाल में तेजी आ सकती है।।

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