Bihar : 2016 बैच की IAS अधिकारी अलंकृता पांडेय को भागलपुर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है, वहीं, उनके पति IAS अंशुल अग्रवाल को बांका जिले की कमान सौंपी गई है। प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता के लिये पहचाने जाने वाले अंशुल कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवायें दे चुके हैं। अब उन्हें बांका जैसे अहम जिले की कमान सौंपी गई है। दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों जिले पड़ोसी हैं, ऐसे में अब एक IAS दंपत्ति दो पड़ोसी जिलों के प्रशासन की जिम्मेदारी संभालेगा।
कानपुर की बेटी, पहले ही प्रयास में UPSC फतह
अलंकृता पांडेय की कहानी मेहनत और प्रतिभा का शानदार उदाहरण है। यूपी के कानपुर की रहने वाली अलंकृता ने प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT) से बीटेक की पढ़ाई की। इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने UPSC की राह चुनी और पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 85 हासिल कर IAS बनने का सपना साकार कर लिया।अपनी तेज कार्यशैली और प्रशासनिक दक्षता के कारण वह बिहार के चर्चित अधिकारियों में गिनी जाती हैं। अभी तक वह जहानाबाद की जिलाधिकारी थीं, लेकिन अब उन्हें भागलपुर जैसे बड़े और महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बंगाल कैडर से बिहार तक का सफर
अलंकृता पांडेय को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा उनके कैडर परिवर्तन को लेकर होती है। बहुत कम लोग जानते हैं कि वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल कैडर की IAS अधिकारी थीं। शादी के बाद उन्होंने इंटर-कैडर ट्रांसफर का विकल्प चुना। उनके पति अंशुल अग्रवाल बिहार कैडर के अधिकारी हैं। नियमों के तहत पश्चिम बंगाल सरकार, बिहार सरकार और केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद उनका कैडर बदलकर बिहार कर दिया गया। इसके बाद से वह बिहार प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा बन गई।
इसे भी पढ़ें : TMC में बड़ा झटका: अब इस दिग्गज पूर्व मंत्री ने छोड़े सभी पद…
इसे भी पढ़ें : सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से, व्रत, पूजा और कांवड़ यात्रा का महत्व… जानें
इसे भी पढ़ें : मनी प्लांट से भी ज्यादा असरदार हैं ये 3 पौधे, खोल सकते हैं तरक्की के दरवाजे…
इसे भी पढ़ें : बिहार के इस गांव के लोग 90 साल की उम्र में भी फिट, ‘लॉन्ग लाइफ फॉर्मूला’… जानें
इसे भी पढ़ें : शोरूम से बाहर निकलते ही क्यों घट जाती है कार की वैल्यू… जानें












