Punjab : पंजाब की पावन धरती, जहां भांगड़ा की थाप पर जिंदगी झूमती है, वहां आज मातम की चादर तनी हुई है। अमृतसर के मजीठा कस्बे में, एक घूंट जहर ऐसा था जिसने 21 घरों के चिराग बुझा दिये। आंखों में आंसू हैं, दिल में टीस और हवाओं में सिर्फ एक सवाल – क्यों? गांव मराड़ी कला से लेकर भंगाली कला तक, हर गली, हर घर से रोने की आवाजें। मेजर सिंह, परमजीत, सरबजीत, करनैल, अजीत, इकबाल, बलबीर ये सिर्फ़ नाम नहीं, ये अब मजीठा की रूह में बस चुके वो जख्म हैं जो कभी नहीं भरेंगे। किसी ने सुहाग खोया, किसी ने जवान बेटा और किसी मासूम ने पिता का साया। इस जहरीली शराब के पीछे की साजिश में सामने आया है, ऑनलाइन मंगवाया गया 600 किलो मेथेनॉल, जिसे मिलाकर मौत का जाम तैयार किया गया। अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार किये गये हैं, जिनमें दो आरोपी लुधियाना की साहिल केमिकल्स के मालिक भी हैं। इलाके के DSP अमोलक सिंह और थानेदार अवतार सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। CM भगवंत मान का दावा है कि “मगरमच्छ भी बख्शे नहीं जायेंगे। CM पीड़ित परिवारों से मिले। CM भगवंत मान ने ऐलान किया कि मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जायेगी, वहीं बच्चों की पढ़ाई और जरूरतों का खर्च सरकार उठायेगी। CM मान ने तंज कसते हुये कहा कि “मजीठिया के हलके में नशे का कारोबार, जबकि वो खुद ड्रग केस में जमानत पर है।” वहीं, बिक्रम सिंह मजीठिया ने पलटवार करते हुये कहा कि “सरकार महंगी शराब बेचकर जेब भर रही, वहीं, गरीब जहर पी रहा।” प्रताप बाजवा की ने एक्साइज मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की है।
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