Kohramlive : भारत के नये मुख्य न्यायाधीश (CJI) भूषण रामाकृष्ण गवई को जैसे ही राष्ट्रपति ने पद की शपथ दिलाई, सबसे पहले अपनी मां कमल ताई गवई के पास पहुंचे और उनके चरण छूकर आशीर्वाद लिया। यह क्षण न्यायपालिका के इतिहास में केवल एक संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अध्याय भी बन गया। 52वें CJI बने जस्टिस गवई की ताजपोशी पर उनका पूरा परिवार मौजूद था। अमरावती (महाराष्ट्र) से दिल्ली पहुंचीं उनकी मां के लिए यह पल बेटे की उपलब्धि से कहीं ज़्यादा, एक मां के गर्व का था।
जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई ने भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।
शपथ लेने के बाद उन्होंने अपनी माताजी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। pic.twitter.com/043ffjwf96
— Manish Kasyap Son Of Bihar (@ManishKasyapsob) May 14, 2025
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में जस्टिस गवई को पद की शपथ दिलाई। उन्होंने हिंदी में शपथ लेकर अपनी जड़ों से जुड़े होने का संदेश भी दिया। समारोह के बाद जस्टिस गवई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और कई अन्य गणमान्य लोगों से मुलाकात की। जस्टिस गवई का कार्यकाल लगभग 6 महीने का रहेगा, और वह 23 नवंबर 2025 तक इस पद पर रहेंगे। वह सुप्रीम कोर्ट में संविधान पीठों का हिस्सा रह चुके हैं और कई ऐतिहासिक फैसलों में उनकी भूमिका अहम रही है।
कौन हैं जस्टिस गवई?
जन्म: 24 नवंबर 1960, अमरावती (महाराष्ट्र)
वकालत की शुरुआत: 1985
बॉम्बे हाईकोर्ट में नियुक्ति: 2003 (अतिरिक्त न्यायाधीश), 2005 (स्थायी न्यायाधीश)
सुप्रीम कोर्ट जज नियुक्ति: 24 मई 2019
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