Kohramlive Desk : देश के कई शहरों में डेंगू बुखार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हम जानते हैं कि छोटे से मच्छर से फैलने वाला डेंगू लापरवाही बरतने पर जिंदगी के लिए संकट बन सकता है। कुछ लोग डेंगू का शिकार होते हुए भी इलाज नहीं करवाते हैं और मुश्किल में पड़ जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन्हें डेंगू के लक्षण मालूम ही नहीं होते हैं। इसलिए इलाज के साथ ही डेंगू से बचाव भी बेहतर है।
ये हैं डेंगू के लक्षण
सिर और जोड़ों में दर्द की परेशानी, ठंड के साथ तेज बुखार आए तो ये डेंगू का लक्षण हो सकता है।
गले और आंखों में दर्द होना, टेस्ट नहीं आना और भूख कम लगना, लाल रैशेज होना।
इस प्रकार करें डेंगू से बचाव
1- डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है इसलिए कूलर या किसी ऐसे किसी गड्ढे में पानी जमा न होने दें, जहां ये मच्छर पनपने का खतरा हो।
2- मच्छरों से बचने की कोशिश करें. रात में सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें क्योंकि डेंगू के मच्छर रात के वक्त ज्यादा एक्टिव होते हैं।
3- जमा हुए पानी को अगर हटा पाना मुमकिन नहीं है तो उसमें पेट्रोल या फिर मिट्टी के तेल का छिड़काव कर दें ताकि मच्छर न पनपने पाए।
4- शरीर को ढककर रखें. फुल कपड़े पहनना बेहतर है नहीं तो मच्छर सीधे स्किन के सम्पर्क में आता है. मच्छरों को दूर रखने वाले लोशन भी लगा सकते हैं।
5- डेंगू फैलने लगे तो किसी को भी अपनी चपेट में ले सकता है इसलिए डेंगू होने से पहले इम्यूनिटी बढ़ा लें। इसमें प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं इसलिए ऐसी चीजों का सेवन करें जो प्लेटलेट्स को बनाने में मदद कर सकें। इम्युनिटी बढ़ाने वाली चीजों का सेवन करना शुरू कर दें. पपीते का जूस डेंगू से लड़ने में फायदेमंद माना जाता है। सबसे जरूरी यह है कि अगर डेंगू के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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